मंत्री पटवारी प्रस्ताव मंजूर कराने पर अड़े तो मरकाम ने शासन को घेरा

मंत्री पटवारी प्रस्ताव मंजूर कराने पर अड़े तो मरकाम ने शासन को घेरा

भोपाल। कैबिनेट बैठक में सरकारी कॉलेजों में अतिथि शिक्षकों के 1359 पदों की मंजूरी संबंधी आए प्रस्ताव को लेकर मंत्री और अफसर आमने-सामने आ गए। आदिम जाति कल्याण मंत्री ने यहां तक कह दिया कि शासन स्तर पर कुछ भी निर्णय ले लिए जाते हैं। उन्होंने व्यापमं को बंद करने संबंधी बचन को याद दिलाते हुए अपनी ही सरकार को घेरा। सूत्रों के अनुसार केबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने अतिथि शिक्षकों के भर्ती संबंधी प्रस्ताव रखा। इस पर उच्च शिक्षा आयुक्त डीपी आहूजा ने एमफिल और पीएचडी डिग्री को लेकर टिप्पणी की। इस पर मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि हम किसी भी अतिथि शिक्षक को नहीं निकालना चाहते हैं। वचन पत्र में भी हमने कहा है कि अतिथि शिक्षक निकाले नहीं जाएंगे। इस पर मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि वचन पत्र में तो हमने व्यापमं को बंद करने भी कहा है लेकिन उसी को 23 हजार पदों पर भर्ती करने का काम दे दिया गया।

इंदौर हाईकोर्ट का दिया हवाला

प्रमुख सचिव विधि सत्येन्द्र सिंह ने कहा कि इंदौर हाईकोर्ट का निर्णय है कि अगर पद विज्ञापित किए जाएंगे तो नए बच्चों को भी परीक्षा में बैठने से रोका नहीं जा सकता।

फिर तो स्कूल शिक्षा वाले भी करेंगे डिमांड

गरमागरमी के बीच प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अशोक वर्णवाल ने यहां तक कह दिया कि एक दिन स्कूल शिक्षा विभाग के 80 हजार अतिथि शिक्षकों कहेंगे कि हमें भी भर्ती करो। तब ऐसे में वेतन देने के लिए इतना पैसा कहां से लाएंगे?

अन्तत: मिल गई सहमति

गहमा गहमी के बीच अन्तत: कालेजों में अतिथि शिक्षकों के पद सृजित करने संबंधी प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति दे दी गई। इसकी पुष्टि करते हुए मंत्री जीतू पटवारी ने पत्रकारों को बताया कि 20 दिन में विभाग के अन्तर्गत नवीन पद सृजित कर अतिथि शिक्षकों को रिक्त पदों पर भर्ती करने का मौका दिया जाएगा।

सहकारिता में भी हो स्वास्थ्य बीमा

कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा संबंधी आए प्रस्ताव पर सहकारिता मंत्री डॉ.गोविन्द सिंह ने कहा कि सहकारिता के लोगों को भी शामिल किया जाए। इस पर स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि आपके विभाग को भी ले लेंगे, इसके लिए वित्त विभाग को पॉवर दिए गए हैं।

सीएम बोले किस योजना में पूरा पैसा केन्द्र से आ रहा

महिला बाल विकास विभाग के अन्तर्गत वन स्टॉप सेंटरों के लिए आए प्रस्ताव के दौरान प्रमुख सचिव अनुपम राजन ने कहा कि पूरा पैसा भारत सरकार से आएगा। इस पर मुख्यमंत्री हंसे और बोले कि किसमें पूरा पैसा भारत सरकार से आया है? इस पर एसीएस वित्त अनुराग जैन ने कहा कि स्कीम तीन माह के लिए है। पीएस राजन ने जवाब दिया आगे भी भारत सरकार से पैसा मिलेगा।

हम सुरक्षित मध्यप्रदेश देना चाहते हैं

अनौपचारिक चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री कमल नाथ ने मंत्रियों से कहा कि हमने भू माफियाओं, रेत माफिया और टोल माफिया पर नकेल कसी है। असामाजिक तत्वों के अवैध निर्माण तोड़े हैं। हम जनता को सुरक्षित मध्यप्रदेश देना चाहते हैं। माफियाओं के खिलाफ अभियान रुकना नहीं चाहिए।

मुझे रिपोर्ट कार्ड अभी से बनाकर दो

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा है कि आप लोग अपना रिपोर्ट कार्ड अभी से बनाकर दो। जिस तरह शुद्ध के लिए युद्ध अभियान प्रदेशभर में चला है इसे बंद नहीं होना चाहिए।