आईटीएम के छात्रों ने बनाया स्मार्ट गार्डनिंग सिस्टम

Education

आईटीएम के छात्रों ने बनाया स्मार्ट गार्डनिंग सिस्टम

ग्वालियर। आईटीएम यूनिवर्सिटी के स्कूल आॅफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के तीन स्टूडेंट्स ने स्मार्ट गार्डनिंग सिस्टम तैयार किया है, जो वर्तमान में मैन्युअल एरीगेशन सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। यूनिवर्सिटी के बीटेक (ईसीई) के स्टूडेंट्स अंकित प्रकाश, अभिराज बोरगोहिन और रोहित कुमार ने एसओईटी डीन प्रो रंजीत सिंह तोमर और असिस्टेंट प्रो मयंक शर्मा के मार्गदर्शन में यह प्रोजेक्ट तैयार किया है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आईओटी या इंटरनेट आॅफ थिंग्स एक फ्यूचर टेक्निक है, जो इंटरनेट, इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट, आॅटोमोबाइल और इंटरनेट से जुड़े अन्य फिजीकल इक्विपमेंट को नियंत्रित या मॉनिटर करने के लिए इंटरनेट का उपयोग करती है। आईओटी उपयोगकर्ता को स्मार्ट तरीके से स्मार्ट होम, स्मार्ट एग्रीकल्चर, स्मार्ट इंडस्ट्रीज या एंटरप्राइज हो सकता है जो विभिन्न एप्लीकेशन्स से संपर्क करने में मदद करेगा। इस स्मार्ट गार्डनिंग सिस्टम का उद्देश्य पानी के उपयोग को कम करने के लिए किया जा सकता है।

ऐसे तैयार किया प्रोजेक्ट

इस सिस्टम में मिट्टी की नमी, तापमान, चमक और आर्द्रता सेंसर का एक विसतृत वायरलेस नेटवर्क शामिल है। एक गेट द्वारा नियंत्रित टैंक से पानी की आपूर्ति के लिए प्रयोग के लिए सेंसर, रास्पबेरी पाई 3 और पाइप की आवश्यकता होती है। जड़ों के पास नमी सेंसर स्थापित किया गया है। दिन के उजाले में सेंसर को स्पष्ट रूप से सनबीम का पता लगाने के लिए दूर स्थापित किया गया। ये सेंसर विश्लेषण करने के लिए रास्पबेरी पाई को अपना डेटा भेजते हैं। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य पानी को बचाना और पौधों की वृद्धि की निगरानी करके बगीचे में पेड़-पौधों का उत्पादन बढ़ाना है।