जेडीए की 18 सौ एकड़ जमीन खतरे में, 12 योजनाएं हो सकती हैं प्रभावित

 19 Dec 2019 01:09 AM  1242

जबलपुर। बरसों तक योजनाओं को पूरा न कर पाने में असफल रहने पर जेडीए से शासन जमीनें वापस ले सकता है। इसमें जेडीए की 1800 एकड़ जमीन जो कि विभिन्न 12 योजनाओं में हैं पर खतरा मंडराने लगा है। विगत सप्ताह राज्य शासन ने नई नीति बनाकर यह घोषणा भी कर दी है। अब गजट नोटिफिकेशन के बाद स्थिति स्पष्ट होने लगेगी। विगत सप्ताह राज्य शासन की कै बिनेट द्वारा लिए गए निर्णय में कहा है कि प्राधिकरण की जिन योजनाओं में 10 प्रतिशत या उससे कम काम हुआ है,ऐसी योजनाओं से संबंधित जमीन किसानों को वापस लौटाई जाएंगी। इसके लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट 1973 एक्ट में संशोधन को प्रदेश सरकार ने मंजूरी दे दी है। जबलपुर में इस निर्णय से जेडीए को अपनी 12 योजनाओं में लगभग 18 सौ एकड़ जमीन खोना पड़ सकती है। सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर पर पडेगा सीधा असर नगर के बेसिक अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर में एमआर व एसआर सड़कों का निर्माण शामिल है। अभी तक इन सड़कों का निर्माण जेडीए ही करता आया है। यदि प्राधिकरण से जमीन लेकर बिल्डरों को सौंपी जाती है तो इसका सीधा असर एमआर व एसआर सड़कों के निर्माण पर होगा। रीयल एस्टेट कारोबारी किसी भी सड़क का निर्माण अपनी टाउनशिप के हिसाब से करते हैं। वे लंबी दूरी की चौड़ी सड़कों का निर्माण नहीं करते।