भोपाल पहुंचा टिड्डी दल, थाली-कनस्तर बजाकर भगाया

भोपाल पहुंचा टिड्डी दल, थाली-कनस्तर बजाकर भगाया

भोपाल। टिड्डी दल ने रविवार को भोपाल पहुंच गया। आसपास के ग्रामीण इलाकों के साथ शहर में शाम को बादल जैसे छा गए। उनका भगाने के लिए नागरिकों ने थाली कनस्तर, घंटे बजाएं और दिवाली के बचे हुए पटाखे भी चलाए गए। इस दौरान टिड्डी दल ने गांवों में फसलों को भी नुकसान पहुंचाया। ज्ञात हो कि टिड्डी दल ने रविवार रात से राजगढ़ और गुना से भोपाल जिले में प्रवेश किया था। शनिवार रात बैरसिया के ग्रामीण इलाकों, पार्वती नदी के किनारे और सीहोर से लगे गांव में रात को टिड्डी रुकी थी। रविवार दोपहर से हवा का रुख बदलने से दल भोपाल की ओर बढ़ गया और शाम को भोपाल के बरखेड़ा पठानी गांव, कटारा, लालपुर बराई बंगरसिया, बागरोदा, मिसरोद बागसेवनिया से कोलार और नयापुरा तक पहुंच गया।

आंधी से रूट बदला : टिड्डी दल बैरसिया के पास था। शाम 4:05 बजे अचानक आई आंधी के कारण बैरसिया रोड पर दर्जन भर से ज्यादा बिजली के खंभे उखड़ कर गिर पड़े कई पेड़ टूट गए इस बवंडर के कारण टिड्डी दल का रूट बदल गया। इसके बाद सुखी सेवनिया आर्मोनी से बढ़ते हुए जंबूरी मैदान भेल पहुंचा और कटारा बागसेवनिया मिसरोद से होते हुए कोलार पर छा गया। नगर नगम और अन्य विभागों की टीम टिड्डी दल को रवाना करने के लिए पहले से तैयार थी। जैसे ही दल ने क्षेत्र में प्रवेश किया, उन्हें भगाने की कार्रवाई शुरू कर दी। देर रात तक टिड्डी दल भोजपुर क्षेत्र से होते हुए रायसेन जिले में प्रवेश कर गया है।