बायलॉज में मंजूरी नहीं तो मॉल नहीं ले सकते पार्किंग चार्ज : हाई कोर्ट

बायलॉज में मंजूरी नहीं तो मॉल नहीं ले सकते पार्किंग चार्ज : हाई कोर्ट

नई दिल्ली । बिल्डिंग बायलॉज के प्रावधान के तहत पार्किंग चार्ज वसूलने की मंजूरी न दी गई हो तो जनता से इसकी वसूली नहीं की जा सकती। दिल्ली हाई कोर्ट ने यह व्यवस्था वेस्ट दिल्ली के एक मॉल की याचिका खारिज करते हुए दी। मॉल ने साउथ एमसीडी के उस आदेश को यहां चुनौती दी थी, जिसके तहत उसे अपने परिसर के अंतर्गत खुले इलाके में पार्क होने वाली गाड़ियों से चार्ज वसूलने से रोक दिया गया। जस्टिस वी कामेश्वर राव की बेंच ने सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन के पास स्थित पैसिफिक मेट्रो मॉल (पैसिफिक डिवेलपमेंट कॉपोर्रेशन लिमिटेड) की याचिका खारिज करते हुए कहा कि इसमें कोई मेरिट नहीं। उन्होंने निगम के संबधित आदेश का बरकरार रखा और कहा कि इसमें दखल देने की जरूरत नहीं। यह विवाद शुरू हुआ साउथ एमसीडी के 2015 में जारी पब्लिक नोटिस से। इसमें कहा गया कि कमर्शल, आॅफिस, मॉल्स, हॉस्पिटल्स कॉम्प्लेक्स में ऋअफ से फ्री जो भी इलाके पार्किंग के लिए आरक्षित हैं, उन पर गाड़ी खड़ी करने के लिए फीस नहीं वसूली जाएगी। याची मॉल ने इसे मानने से मना कर दिया। इसके बाद निगम ने उसके विवादित इलाके को सील कर दिया। इसके खिलाफ मॉल कोर्ट आ गया।