पुरानी सड़कों का मेंटेनेंस नहीं, नए हाइवे पर टोल वसूली के लिए ठेका देने की तैयारी

पुरानी सड़कों का मेंटेनेंस नहीं, नए हाइवे पर टोल वसूली के लिए ठेका देने की तैयारी

भोपाल। राज्य सरकार ने एक दर्जन से ज्यादा स्टेट हाइवे को टोल वसूली और मरम्मत के लिए एमओटी आधार पर दस साल के लिए ठेके पर दिया है। ठेकेदार टोल की वसूली तो कर रहे हैं, लेकिन मेंटेनेंस नहीं कर रहे हैं। बावजूद सरकार फिर एमओटी आधार पर टोल वसूली के लिए छह सड़कों को 145 करोड़ में ठेके पर दे रही है। इसमें ठेकेदार टोल वसूली के साथ सड़कों का मेंटेनेंस भी करेंगे। उधर, सड़कों की मरम्मत नहीं करने वाले पुराने ठेकेदारों पर अभी तक एमपीआरडीसी ने एक्शन नहीं लिया है। वहीं एक दर्जन से ज्यादा सड़कों की मरम्मत के लिए भी सरकार ने टेंडर जारी किया है। टेंडर के समय पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि बारिश का सीजन आने वाला है और ऐसे समय में सड़कों का मेंटेनेंस कैसे होगा।

अपने खर्च पर इन सड़कों की मरम्मत कराएगी सरकार

सरकार कई सड़कों की मरम्मत अपने खर्च पर कराने जा रही है। इनमें छिंदवाड़ा- मटकुली मार्ग के न्यूटन चिखली में 3.11 करोड् से टू-लेन का चौड़ीकरण और मरम्मत, उज्जैन-जावरा मार्ग के रामगढ़ जंक्शन पर 2.06 करोड़ से ब्लैक स्पॉट में सुधार और जबलपुर-पिपरिया मार्ग पर शाहपुरा कस्बे में 62.39 लाख से पेविंग शोल्डर एवं नाली निर्माण शामिल है।

इन खराब मार्गों की मरम्मत पर खर्च होंगे 21 करोड़ रुपए

जोनल कॉन्टेक्ट सागर एवं भोपाल संभाग, जोनल कॉन्ट्रेक्ट जबलपुर एवं छिंदवाड़ा संभाग, जोनल कॉन्ट्रेक्ट धार संभाग और जोनल कॉन्ट्रेक्ट उज्जैन एवं इंदौर संभाग में सड़कों के मेंटेनेंस के लिए एमपीआरडीसी ने वर्ष 2020-21 के लिए टेंडर जारी किया है। इन सड़कों की मरम्मत पर करीब 21 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।