खान सहित २२ नदियों का एक्शन प्लान ठंडे बस्ते में, अफसरों ने नहीं भेजी रिपोर्ट

खान सहित २२ नदियों का एक्शन प्लान ठंडे बस्ते में, अफसरों ने नहीं भेजी रिपोर्ट

भोपाल। एनजीटी के निर्देश पर प्रदेश की 22 नदियों को प्रदूषण मुक्त किया जाना है। सरकार ने एक्शन प्लान पर काम शुरू कर दिया है, पर जमीनी स्तर पर अधिकारी इसमें दिलचस्पी नहीं ले रहे है। कार्ययोजना के तहत नदी क्षेत्र के नक्शे तैयार किए जाने हैं। इनमें नदी क्षेत्र, अतिक्रमण, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र आदि की जानकारी शामिल की गई है, ताकि इसके आधार पर मेगा प्रोजेक्ट तैयार किया जा सके। ये नक्शे मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मुहैया कराए जाने हैं, लेकिन दो महीने के लॉक डाउन के कारण नोडल अधिकारी इसे तैयार नहीं कर पाए। जल संसाधन विभाग ने नोडल अफसरों को चेतावनी के साथ नक्शे भेजने को कहा है। नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सरकार ने जल संसाधन, उद्योग, वन एवं नगरीय प्रशासन विभाग, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल को जोड़ा है। इस योजना पर अब तक कितनी प्रगति हुई है, इस पर सितंबर में होने वाली नदी पुनरुद्धार समिति की बैठक में जानकारी सरकार को देनी है।

खान नदी के दूसरे चरण पर 1299 करोड़ होंगे खर्च

सरकार ने इंदौर की खान नदी शुद्धीकरण प्रोजेक्ट तैयार किया है। इस पर 2,719 करोड़ खर्च की जरुरत बताई गई थी। इसका पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है। इसका दूसरा चरण पूरा करने के लिए 1299 करोड़ खर्च आएगा। इसका प्रस्ताव शासन के पास लंबित है।

इन नदियों पर होना है काम

खान नदी इंदौर, चंबल नदी नागदा, क्षिप्रा नदी उज्जैन, बेतवा नदी, कालीसोत मंडीदीप, कलियासोत भोपाल, सोन नदी शहडोल, गोहद डेम ग्वालियर, चौपन नदी विजयनगर, पार्वती नदी पीलूखेड़ी, कन्हान नदी छिंदवाड़ा, बिछिया, टोंस नदी रीवा, मंदाकिनी नदी चित्रकूट, नेवज नदी शुजालपुर, सिमरार नदी कटनी, कुन्दा नदी खरगौन, ताप्ती नदी बुरहानपुर, चामला नदी बडनगर उज्जैन, मलेनी नदी जावरा, बैनगंगा नदी सिवनी, सोन नदी बालाघाट, कोलान छिंदवाड़ा को प्रदूषण मुक्त करने पर काम होना है।