जॉय स्कूल में फीस वसूली को लेकर अभिभावकों ने खोला मोर्चा किया प्रदर्शन

 25 Jun 2020 12:55 AM  3

जबलपुर । जॉय सीनियर सेकेण्डरी स्कूल में फीस वसूली के खिलाफ अभिभावकों ने मोर्चा खोल दिया है। स्कूल पहुंचकर बड़ी संख्या में अभिभावकों ने जोरदार प्रदर्शन किया तथा मामले की शिकायत पुलिस व प्रशासन को सौंपी। कलेक्टर ने इस संबंध में स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब तलब किया है। गौरतलब है कि लॉकडाउन के बाद से अब तक लगातार स्कूल कॉलेज बंद चल रहे हैं लेकिन फीस को लेकर प्रबंधन हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। बच्चों की भविष्य के चलते ज्यादातर अभिभावक बेबस हैं और वे विरोध में आगे नहीं आ रहे हैं। हालांकि सभी इस तरह की वसूली के खिलाफ हैं और कार्रवाई भी सभी चाहते हैं। फीस वसूली के इस रवैये पर विरोध जताने में

जबलपुर का नहीं है सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

प्रशासन समेत शहर के लाखों लोगों के संज्ञान में आए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो जबलपुर का नहीं है। वीडियो को जॉय सीनियर सेकेण्डरी स्कूल विजयनगर से जोड़कर बताया गया है, जिसकी शिकायत प्रबंधन द्वारा पुलिस को की गई है।

किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा : कलेक्टर

कलेक्टर भरत यादव ने जॉय सीनियर सेकेण्डरी स्कूल विजयनगर प्रबंधन को जारी नोटिस में स्पष्ट किया है कि राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्देशित किया था कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए अशासकीय स्कूल द्वारा लॉकडाउन अवधि में मात्र शिक्षण शुल्क प्रभारित किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। राज्य शासन द्वारा जारी आदेश तथा कलेक्टर जबलपुर के निर्देशों के बावजूद अभिभावकों पर पूरी फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। इस संबंध में तीन दिन के भीतर संस्था अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करे।

ज्ञापन में ये रखी गई बात

पुलिस तथ प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में हेमंत पटेल, सचिन गुप्ता, रंजीत बर्मन, जयेश चौकसे, सविता नायडू, रवि मोटवानी आदि के नेतृत्व में कहा गया कि स्कूल द्वारा इस तरह की फीस वसूली तथा उसके लिए दबाव बनाने का तरीका बिल्कुल अनुचित है। शासन के स्पष्ट आदेश हैं, बावजूद इसके फीस वसूली और दबाव सीधे तौर पर मनमानी है। अभिभावक लामबंद होकर इसका विरोध करेंगे। स्कूल प्रबंधन द्वारा जब ज्ञापन लेने से इंकार कर दिया गया तो संगठन ने गेट पर ही ज्ञापन चस्पा कर दिया। इस दौरान विरोध करने वालों ने कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया, जो उनके द्वारा जारी वीडियो में स्पष्ट झलक रहा है।