राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मतदान के दो दिन पहले राजनीति में भूचाल

राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मतदान के दो दिन पहले राजनीति में भूचाल
राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मतदान के दो दिन पहले राजनीति में भूचाल

भाजपा के साथ आए बसपा, सपा और निर्दलीय सहित 5 विधायक

भोपाल  ।  राज्यसभा चुनाव से पहले कांगे्रस को तगड़ा झटका लगा है। मतदान के दो दिन पहले दो निर्दलीय विक्रम राणा व सुरेंद्र सिंह शेरा, बसपा की रामबाई व संजीव कुशवाह और सपा के राकेश शुक्ला भाजपा के पाले में आ गए। बुधवार को भाजपा  दफ्तर    में आयोजित डिनर में पांचों विधायक पहुंचे और कहा कि भाजपा को वोट देंगे। अब वोटिंग की रणनीति को लेकर भाजपा विधायक दल की बैठक गुरुवार शाम को होगी, जिसमें विधायकों की परेड के साथ ही मतदान करने के लिए मॉक पोल होगा। पार्टी नेताओं ने दावा किया अन्य गैर भाजपा विधायक भी उनके साथ आ सकते हैं। पर्यवेक्षक व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बीजे पांडा, प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की मौजूदगी में प्रदेश भाजपा कार्यालय में भाजपा विधायकों के साथ डिनर पार्टी हुई। इस दौरान गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, दो निर्दलीय विक्रम राणा व सुरेंद्र सिंह शेरा, बसपा की रामबाई व संजीव कुशवाह और सपा के राकेश शुक्ला को लेकर प्रदेश कार्यालय पहुंचे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पांचों विधायकों का दिल्ली से आए नेताओं और पार्टी विधायकों का परिचय कराया। इन पांचों विधायकों का सम्मान भी किया गया। इससे पहले इन पांचों के विधायकों की बंद कमरे में वरिष्ठ नेताओं की बैठक भी हुई।

जहां भूपेंद्र सिंह और नरोत्तम भैया बोलेंगे वहीं वोट करूंगी: रामबाई

बसपा से निष्कासित विधायक रामबाई ने राज्यसभा में भाजपा के पक्ष में वोटिंग करने की बात की है। डिनर के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए रामबाई ने कहा कि भूपेंद्र सिंह और नरोत्तम भैया जहां बोलेंगे वहां वोट करेंगे। उन्होंने कहा कि वह राज्यसभा चुनाव में भाजपा का साथ देगी। वर्तमान सरकार अच्छा काम कर रही हैं। कमल नाथ का साथ कांग्रेसियों ने छोड़ा है। उन्होंने कहा कि आलाकमान से कांग्रेस को वोट देने का कोई निर्देश नहीं मिला है।

पार्टी नेतृत्व से निर्देश नहीं मिले

इधर, सपा विधायक राकेश शुक्ला ने कहा कि वे कांग्रेस के समर्थन में वोट करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल उन्हें कोई निर्देश नहीं दिए हैं।

सिंधिया का निर्णय प्रदेश को सत्यानाशी सरकार से बचाने का था: शिवराज

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, हरदीप सिंह डंग और अन्य साथियों ने लगभग तीन माह पहले जो निर्णय लिया, वह एक ‘सत्यानाशी सरकार’ से प्रदेश को बचाने के लिए था। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सभी लोग परेशान थे। विकास के कार्य नहीं हो रहे थे। सरकार अपने वादे पूरे नहीं कर रही थी। तत्कालीन सरकार ने सभी को धोखा दिया और किसानों को भी कर्जमाफी के नाम पर नहीं छोड़ा। इन स्थितियों में उस सत्यानाशी सरकार का गिरना जरुरी था। प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने तत्कालीन कांग्रेस नेताओं ने त्यागपत्र देने का जो निर्णय लिया था, वह सरकार बनाने के लिए नहीं था। वह निर्णय प्रदेश को बचाने का था। 

कांग्रेस की रणनीति: भाजपा को जवाब देना भी MLA एक रहें

भोपाल ।   राज्यसभा चुनाव को लेकर बुधवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के श्यामला हिल्स स्थित आवास में हुई। कांग्रेस की सरकार गिरने के बाद पहली बार पार्टी के विधायक एकजुट हुए। हालांकि बैठक में कांग्रेस विधायक केपी सिंह, लक्ष्मण सिंह, हिना कांवरे, रवि जोशी तथा कुणाल चौधरी नहीं आए। चौधरी कोरोना पीड़ित हैं और रवि जोशी की मां का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पार्टी के नए प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक पहली बार शामिल हुए। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने सभी विधायकों को बूस्ट अप किया। उन्होंने राज्य सभा चुनाव के बाद उप चुनाव में प्राण प्रण से जुट जाने कहा।

चुनाव में भाजपा को जवाब देना है: प्रदेश मुकुल वासनिक

 प्रदेश कांग्रेस प्रभारी मुकुल वासनिक ने कहा कि मप्र में जिस तरह भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या कर, प्रदेश की जनमत द्वारा चुनी कांग्रेस सरकार को गिराने के लिए प्रलोभन का खेल प्रदेश में खेला था, उसे आप लोगों ने नकारकर पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा का प्रदर्शन किया, वह सराहनीय है। 19 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में भी सभी एकजुटता का परिचय देंगे। हमें इस चुनाव में भाजपा को जवाब देना है।

 उम्मीद है, जनसेवा में लगे रहेंगे-कमल नाथ 

सभी जानते हैं कि यह समय कोरोना महामारी के संकट का चल रहा है और हमारा प्रदेश भी इसकी चपेट में है। लॉकडाउन की अवधि में आप सभी ने अपने-अपने क्षेत्र की जनता का भरपूर सहयोग किया है, उन्हें हर संभव मदद पहुंचाई, उनकी सेवा की, उसके लिए मैं कांगे्रस पार्टी की तरफ से आप सभी का आभारी हूं। उम्मीद करता हूं भविष्य में भी आप इसी प्रकार अपने क्षेत्र की जनता के सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहेंगे।

 पहला वोट दिग्विजय सिंह को

कांग्रेस के चुनाव प्रभारी जेपी धनोपिया ने विधायकों को राज्यसभा में कैसे मतदान करना है, इसकी जानकारी दी। साथ ही विशेषज्ञों ने वोटिंग करने के गुर बताए, इसमें प्राथमिकता की श्रेणी में पहला वोट दिग्विजय सिंह को और दूसरे वोट फूल सिंह बरैया के पक्ष में डालने को कहा गया। मतदान बेलेट पेपर से होगा।

 बसपा-सपा विधायक नहीं पहुंचे

बैठक में बसपा, सपा और 4 निर्दलीय विधायक नहीं पहुंचे। इनके बारे में कोई चर्चा भी नहीं हुई। बैठक में दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, प्रभारी सचिव सुधांशु त्रिपाठी, संजय कपूर, कुलदीप इंदौरा तथा सीपी मित्तल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, विधायक कांतिलाल भूरिया, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव सहित अन्य नेता मौजूद थे।

आज और कल भी होगी बैठक 

कांग्रेस विधायक दल की बैठक गुरुवार को भी पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के निवास पर रखी गई है। इसके पश्चात 19 जून को राज्यसभा चुनाव से पहले 8 बजे से और मतदान के बाद शाम 5 बजे से भी रखी गई है। इसके पहले पार्टी व्हिप जारी कर सकती है।