राशन कार्ड सर्वे: आधे से ज्यादा दलों ने शुरू ही नहीं किया काम

 13 Feb 2020 04:03 PM  828

जबलपुर । खाद्य सामग्री के वितरण में पारदर्शिता लाने के मकसद से शासन द्वारा घर-घर जाकर पात्र हितग्राहियों का सर्वे किया जा रहा है। जिसके सर्वे के लिए जिले में दल भी बनाए गए हैं लेकिन नगर निगम सीमा में राशन कार्ड के सर्वे को लेकर बरती जा रही लापरवाही के कारण जिला हर दिन पिछड़ता जा रहा है और खिसकते-खिसकते जिला 43 वें पायदान पर पहुंच गया है। इसके बाद भी कड़ाई नही बरती जा रही है। नगर निगम में 905 दल बनाए गए हैं,जिनमें से 465 दल ही ऐसे हैं जिन्होंने घर-घर जाकर सत्यापन का काम शुरू किया है। जिसके कारण निगम सीमा में अभी तक 32 प्रतिशत ही काम हो पाया है। बताया जा रहा है कि निगम क्षेत्र में सत्यापन का काम धीमा होने की एक वजह यह भी है कि पूरे कर्मचारी इस काम में नही जुटे। लिहाजा महिला विकास विभाग सहित अन्य कर्मचारियों को पहले से ही दूसरे कामों में लगा दिया गया था। इसके बावजूद भी राशन कार्ड के सत्यापन के लिए गठित दल में शामिल कर दिया गया था।

अब तक 2 लाख 47 हजार परिवारों का सत्यापन

निगम सीमा में अभी तक लगभग 55 हजार परिवारों को ही सत्यापन हो पाया है। काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों का वेतन काटने और कार्रवाई की हिदायत दी गई थी,इसके बावजूद वे काम करने को तैयार नही थे। लेकिन अब कर्मचारी काम पर लौट आए है ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है। जिले में 4 लाख 2 हजार 55 परिवारों के राशन कार्ड की जांच चल रही है। इनमें अभी तक 2 लाख 47 हजार 5 सौ 6 परिवारों का ही सत्यापन हो पाया है। 63 फीसदीं ही काम हुआ है।

ग्रामीण क्षेत्रों में 90 से 95 प्रतिशत हुआ काम

निगम सीमा के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में राशन कार्ड के सत्यापन का काम तेजी से हुआ है। ग्रामीण सीमा क्षेत्रों में कई जगह में 90 से 95 प्रतिशत राशन कार्ड का सत्यापन हो चुका है। लेकिन नगर निगम सीमा में 1 लाख 67 हजार परिवारों में से करीब 55 हजार परिवारों का ही सर्वे हुआ है।

क्षेत्र में सर्वे की स्थिति

प्राप्त जानकारी के अनुसार पनागर में सबसे ज्यादा 98 प्रतिशत सत्यापन कर लिया गया है। वहीं छावनी क्षेत्र में 6753 में सिर्फ 373 परिवारों का सत्यापन हुआ है। इसी तरह शहपुरा में 82 फीसदी जबकि पाटन में 83 प्रतिशत काम हुआ है।