सिलेबस से हटेगा ‘क्रांतिकारी आतंकवादी, टॉपिक, चेयरमैन को नोटिस

'Revolutionary terrorist, topic, notice to chairman' to be removed from syllabus

सिलेबस से हटेगा ‘क्रांतिकारी आतंकवादी, टॉपिक, चेयरमैन को नोटिस

ग्वालियर एमए थर्ड सेम के राजनीतिशास्त्र के पेपर में क्रांतिकारी को क्रांतिकारी आतंकवादी लिखने के मामले में उपजे विवाद के चलते जीवाजी विवि प्रदेश भर चर्चा का विषय बना हुआ है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस मामले में रिपोर्ट मांग ली है। विवादित टॉपिक को सिलेबस में शामिल करने के मामले में राजनीतिशास्त्र के अध्ययन मंडल के चैयरमैन को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है साथ ही कुलपति टॉपिक को सिलेबस से हटाने के लिए बोर्ड आॅफ स्टडीज के सदस्यों के साथ मीटिंग भी करने जा रही हैं। राजनीतिशास्त्र के अध्ययन मंडल ने वर्ष 14 में विवादित टॉपिक ‘क्रांतिकारी आतंकवादी’ शामिल किया था। पिछले पांच साल से अंचल के छात्रों को टॉपिक पढ़ाया जा रहा था। इस मामले में जेयू प्रशासन राजनीतिशास्त्र के अध्ययन मंडल के अध्यक्ष प्रो. एपीएस चौहान को नोटिस जारी करके विवादित टॉपिक होने के बाद उसे सिलेबस में शामिल करने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। साथ ही सिलेबस से टॉपिक को हटाने के लिए कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला अध्ययनमंडल के सदस्यों के साथ मीटिंग करने जा रही हैं। छात्र संगठन डीएसओ के पेपर में क्रांतिकारियों के आतंकवादी बताने पर प्रदर्शन करने के बाद ही मामले को उच्च शिक्षा विभाग ने संज्ञान में लिया और क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा विभाग से जांच रिपोर्ट मांगी। पेपर बनाने वाले शिक्षक पर कार्रवाई नहीं होगी एमए थर्ड सेम का पेपर तैयार करने वाले प्रो. रवि आहूजा को परीक्षा नियंत्रक प्रो. आरकेएस सेंगर ने नोटिस जारी करके विवादित टॉपिक पर प्रश्न-पत्र में सवाल पूछे जाने पर जवाब मांगा था। प्रो. आहूजा ने जवाब कहा है कि सिलेबस में ही टॉपिक शामिल हैं, जिसे छात्रों को पढ़ाया जा रहा है और इसलिए ही पेपर में क्रांतिकारी आतंकवादी को लेकर प्रश्न पूछा गया था। परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि पेपर तैयार करने वाले प्रोफेसर पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, क्योंकि गलती उसकी नहीं है। बता दें कि मामले की जांच के लिए कुलपति द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम ने भी विवादित टॉपिक को सिलेबस में शामिल करने के लिए अध्ययनमंडल को दोषी माना है। सिलेबस में किसी भी तरह विवादित टॉपिक नहीं होना चाहिए। इसे लेकर बोर्ड आॅफ स्टडीज के सदस्यों के साथ मीटिंग की जाएगी। प्रो. संगीता शुक्ला कुलपति. जीविवि, ग्वालियर।