मुरार नदी के जीर्णोद्धार, रिवर फ्रंट की बनेगी डीपीआर

 23 Jun 2020 10:31 PM  3

ग्वालियर। ग्वालियर की मुरार नदी के जीर्णोद्धार एवं रिवर फ्रंट का कार्य किया जायेगा। रमौआ से जड़ेरूआ तक 12 किलोमीटर लंबी नदीं में जल प्रवाहित करना एवं सौन्दर्य निखारने के लिए नमामि गंगे की टीम ग्वालियर आई और मंगलवार को प्रशासकीय अधिकारियों के साथ जायजा लिया। इसके अलावा बैटक में भी चर्चा हुई है। टीम के साथ कलेक्टर कौशलेन्द्र सिंह, एडीएम किशोर कान्याल के अलावा सिंचाई विभाग तथा नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद थे। नमामि गंगे विभाग के संचालक डॉ. प्रवीण एवं उनकी टीम के साथ विभागीय अधिकारियों ने मुरार नदी के जीर्णोद्धार और रिवर फ्रंट के लिये रमौआ डैम से भ्रमण प्रारंभ करते हुए मुरार नदी के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया और अंत में जड़ेरूआ डैम को भी देखा। भ्रमण के पश्चात कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह एवं विभागीय अधिकारियों के साथ मुरार सर्किट हाउस में बैठक हुई। बैठक में प्रोजेक्ट डायरेक्टर डा.प्रवीण से अधिकारियों ने हर कोण से नदी का सौन्दर्य निखारने पर बात की । उन्होंने नदी पर रिटर्निंग वाल बनाने की बात खारिज कर दी। सिर्फ उन्हीं जगह पर बनेगी जहां वह जरूरी है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट के संचालक डॉ. प्रवीण से कहा कि मुरार नदी के जीर्णोद्धार के लिये डीपीआर तैयार की जाना है। विभाग की ओर से इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के साथ-साथ डीपीआर बनाने में भी सहयोग किया जाए। प्रशासन की ओर से डीपीआर के लिये सभी प्रकार का सहयोग दिया जायेगा। मुरार नदी की डीपीआर तैयार होने के पश्चात राज्य शासन को स्वीकृति हेतु भेजकर कार्य कराया जा सकेगा।

12 किलोमीटर लंबाई में होगा जीर्णोद्वार 
नमामि गंगे प्रोजेक्ट के डायरेक्टर डॉ. प्रवीण ने भ्रमण के दौरान मुरार नदी के संबंध में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। रमौआ से जड़ेरूआ तक कुल 12 किलोमीटर लम्बाई की नदी का जीर्णोद्धार एवं रिवर फ्रंट तैयार करने के लिये पूर्व में तैयार किए गए प्रोजेटक्ट के संबंध में भी उन्होंने विस्तार से जानकारी प्राप्त की। सभी जानकारियां प्राप्त करने के पश्चात उन्होंने कलेक्टर को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जायेगी। इसके साथ ही डीपीआर तैयार करने के लिये भी जो आवश्यक कार्रवाई है उसे तत्परता से किया जाएगा।