सड़कों पर उमड़ रही भीड़ दुकानों को ग्राहकों का इंतजार

 11 Jun 2020 12:30 AM  5

जबलपुर । लॉक डाउन की लंबी अवधि के बाद मिली छूट के बाद शहर का ज्यादातर मार्केट सज गया है। हर तरह की दुकानें खुल चुकी हैं मगर भीड़ केवल शराब की दुकानों में ही देखने मिल रही है। अन्य व्यापार मंदी की मार झेल रहे हैं। नाम मात्र की बिक्री हो रही है जिसके चलते व्यापारियों चाहे वे छोटे हों या बड़े प्रतिष्ठान वाले सभी के माथे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही हैं। संपन्न प्रतिष्ठान संचालकों की पीड़ा है कि कर्मचारियों का वेतन,प्रतिष्ठान के मेन्टेन करने का खर्च से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में खर्च बाकायदा हो रहा है मगर ग्राहकों की आवाजाही बेहद कम है। जिससे वे घाटा उठाकर व्यापार करने पर मजबूर हैं। हालाकि लॉक डाउन पीरियड की मुश्किलों की तुलना में कम से कम प्रतिष्ठान खुलने लगे हैं यही उन्हें संतोष है। वहीं छोटे व्यापार करने वाले रोज कमाने खाने वाले भी मुश्किलों में हैं। स्ट्रीट फूड की दुकानों में लोग बहुत कम संख्या में ही पहुंच रहे हैं। इसके अलावा रोज की ग्राहकी पर निर्भर रहने वाले अन्य व्यापार भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं।

ये व्यापार संकट में

इलेक्ट्रॉनिक्स, आॅटोमोबाइल, सोने-चांदी जैसे व्यापार में हमेशा बहार देखी जाती रही है। फिलहाल यहां पर सन्नाटा है। आलम यह है कि कितने ग्राहक आ रहे हैं यह तक बताने में प्रतिष्ठान के संचालकों क शर्म महसूस हो रही है। मॉल्स, रेस्टॉरेंट,होटल्स में भी नाममात्र की उपस्थिति देखी जा रही है। लोग बाहर खाने-पीने से बच रहे हैं।

फिर लॉकडाउन की आशंका

इस बीच सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि आने वाले 15 जून के बाद सरकार एक बार फिर लॉक डाउन कर सकती है। ऐसा कोरोना संक्रमितों की संख्या में कमी न आने के कारण निर्णय हो सकता है। हालाकि इस बारे में अब तक कोई अधिकृत बयान सामने नहीं आ रहा है मगर लॉक डाउन के रिपीट होने की खबर से ही व्यापारियों के हाथ-पांव फूल रहे हैं। मध्यम वर्ग जो सरकारी नौकरी में नहीं है अन्य व्यवसाय या प्राइवेट नौकरियों पर आश्रित है वे भी घबराए हुए हैं। निम्न वर्ग जो कि मजदूरी या सब्जी बेचने और इस तरह के छोटे- मोटे धंधे कर परिवार का जीविकोपार्जन करते हैं में भी चिंता देखी जा रही है।