शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना चाहिए छोटे उद्योग : गडकरी

शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना चाहिए छोटे उद्योग : गडकरी

मुंबई। केद्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को शेयर बाजार पर सूचीबद्ध होने को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ऐसी इकाइयों के शेयर खरीदने के लिए उन्होंने वित्त मंत्रालय से 10,000 करोड़ रुपए के आवंटन की मांग की है। गडकरी ने पीएचडी चैंबर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के 114 वें वार्षिक सत्र के दौरान कहा कि मैं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज गया था और हमने पाया कि 20 एमएसएमई कंपनियां शेयर बाजार पर सूचीबद्ध हैं। मैंने वित्त मंत्रालय से हमें 10,000 करोड़ रुपए देने की सिफारिश की है। इससे हम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज या फिर किसी अन्य प्रतिभूति बाजार में जाएंगे और अपने लिए उनके शेयर खरीदेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम सरकार की तरफ से एमएसएमई कंपनियों में 10 प्रतिशत शेयर खरीदेंगे और जब शेयर का भाव चढ़ जाएगा तो हम 10,000 करोड़ रुपए की जगह एक लाख करोड़ रुपए के मालिक बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिन छोटी एवं मझोली कंपनियों का बही खाता अच्छा है और निर्यात कर रही हैं , उन्हें शेयर बाजार का रुख करना चाहिए क्योंकि यह उन्हें पूंजी बाजार से धन जुटाने में मदद करेगा। गडकरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एमएसएमई क्षेत्र की सकल घरेलू उत्पाद में मौजूदा 29 प्रतिशत की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने और निर्यात में उसके योगदान को 49 प्रतिशत से बढ़Þाकर 60 प्रतिशत करने का है। 

बैंक शेयरों में भारी गिरावट से सेंसेक्स 155 अंक टूटा

 वित्तीय क्षेत्र से नकारात्मक खबरों के बीच सोमवार को बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 155 अंक टूटकर 38,667.33 अंक पर आ गया। निवेशकों द्वारा बैंंिकग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से बाजार नीचे आया है। निμटी भी 38 अंक टूटकर 11,500 अंक के स्तर से नीचे बंद हुआ। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में मामूली बढ़त के साथ खुला। लेकिन जल्द यह बिकवाली दबाव में आ गया। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 472 अंक तक नीचे आया। अंत में यह 155.24 अंक या 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 38,667.33 अंक पर बंद हुआ। दिन में इसमें 38,873.12 से 38,401.09 अंक के बीच उतार चढ़ाव रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निμटी 37.95 अंक या 0.33 प्रतिशत के नुकसान से 11,474.45 अंक पर बंद हुआ। कारोबारियों ने कहा कि वित्तीय सेवा क्षेत्र में कामकाज के संचालन और संरचनात्मक मुद्दों की वजह से बाजार की धारणा बुरी तरह प्रभावित हुई। लक्ष्मी विलास बैंक का शेयर करीब पांच प्रतिशत टूटकर अपनी निचली सर्किट सीमा को छू गया। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक के खिलाफ त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई शुरू की है। बैंक के कुछ निदेशकों द्वारा कथित रूप से गड़बड़ी करने के आरोप के बीच उसका डूबा कर्ज उच्चस्तर पर पहुंच गया है। इस नियामकीय कार्रवाई के बाद लक्ष्मी विलास बैंक के इंडियाबुल्स हाउंिस्ांग फाइनेंस में विलय के प्रस्ताव पर संदेह के बादल घिर गए हैं। इंडिया बुल्स हाउंिसग फाइनेंस का शेयर भी 30 प्रतिशत से अधिक टूट गया। रिलायंस कैपिटल ने ऋ ण देने के कारोबार से बाहर निकलने का फैसला किया है। इससे कंपनी का शेयर 14 प्रतिशत से अधिक नीचे आ गया।