पहाड़ों पर लड़ने में ट्रेंड 4,000 जवान ITBP ने वापस बुलाए

 24 Jun 2020 01:38 AM  3

नई दिल्ली। भारत और चीन की सेनाओं के बीच झड़प के मद्देनजर आईटीबीपी ने चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास 40 कंपनियां तैनात करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि आईटीबीपी सीमा पर एसयूवी, घाटी में चलने वाले वाहनों, स्रो स्कूटर और ट्रकों जैसे अन्य संसाधनों को ऐसे स्थानों पर भेज रही है। पहाड़ों पर लड़ाई के लिए प्रशिक्षित करीब 4,000 जवानों की क्षमता वाली सभी इकाइयों को देश के विभिन्न इलाके में आंतरिक सुरक्षा की तैनाती से हटाया जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आईटीबीपी की करीब 40 कंपनियों को देश की आंतरिक सुरक्षा से हटाया गया है और लद्दाख व अरुणाचल समेत एलएसी के पास अलग-अलग स्थानों पर एकत्र किया जा रहा है। दो हμते क्वारेंटाइन रहने के दौरान इन सैनिकों को उन क्षेत्रों में तैनाती के लिए तैयार होने का मौका होगा, जहां तापमान शून्य से बहुत नीचे होता है।

पाक दूतावास के स्टाफ में 50%कटौती के आदेश, कहा- आपके कर्मचारी जासूसी कर रहे

भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। मंगलवार शाम भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान हाईकमीशन के अफसर को तलब किया। उन्हें आदेश दिया गया कि पाकिस्तान हाईकमीशन के स्टाफ में 50 फीसदी कटौती की जाए। भारत का आरोप है कि पाकिस्तान हाईकमीशन के कर्मचारी जासूसी जैसे गलत कामों में रंगे हाथों पकड़े गए हैं।

जवानों से मिलने पहुंचे सेना प्रमुख नरवणे

सेना प्रमुख जनरल मुकुंद नरवणे सोमवार को लद्दाख पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती जवानों से मुलाकात की और हाल जाना। उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाया।

सेना के बजाय चीन का समर्थन क्यों कर रहे PM

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को सवाल किया कि प्रधानमंत्री भारतीय सेना के बजाय चीन का समर्थन क्यों कर रहे हैंं? उन्होंने ट्वीट किया- चीन ने हमारी जमीन ले ली। भारत इसे वापस लेने की बातचीत कर रहा है। चीन कह रहा है कि यह भारतीय जमीन नहीं है। प्रधानमंत्री ने चीन के दावे का समर्थन क्यों किया है?

सेना का मनोबल गिराने की कोशिश में है कांग्रेस

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ चल रहे गतिरोध पर लगातार सवाल उठाकर वह ‘सेना का मनोबल’ और उसके ‘आत्मविश्वास’ को कम करने का प्रयास कर रही है। नड्डा एक डिजिटल रैली को संबोधित कर रहे थे।