स्पेशल पैकेज की बकाया राशि 67.77 जुटाने को लेकर हड़कंप, भुगतान न होने पर ठेकेदारों की मनाही

 23 Jun 2020 12:07 AM  1

ग्वालियर भले ही उपचुनाव से पहले नगर निगम को स्पेशल पैकेज के रूप में 92.55 करोड़ की मांग पर मात्र 24.78 करोड़ राशि मिल गई हो, लेकिन आदेश में विकास के लिए प्रस्तावित शेष राशि 67.77 करोड़ को स्वयं के संसाधनों से वहन करने के निर्देश पर निगम में हड़कंप मच गया है। क्योंकि निगम द्वारा साल भर में चारों विधानसभाओं में बमुश्किल 80 करोड़ के ही कार्य करवाने की राशि जुटती है। ऐसे में लॉकडाउन से बदहाल निगम के लिए स्पेशल पैकेज की शेष राशि जुटाने का संकट खड़ा हो गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 की शुरूआत होते ही राजनीतिक उठापटक के बीच अंचल की 16 विधानसभा सीटों सहित ग्वालियर शहर की ग्वालियर पूर्व-ग्वालियर विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी घमासान होना है। इसी के चलते शासन स्तर पर ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की मांग पर चिन्हित 17 कार्यों के लिए 20.67 करोड़ की राशि मांगने पर केवल 7.43 करोड़ की राशि की मंजूरी दे दी है, तो इसी क्रम में ग्वालियर पूर्व विधानसभा में पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल द्वारा 71.87 करोड़ की राशि से 8 कार्यों को करवाने के लिए 17.35 करोड़ की राशि देने की सहमति मिली है। हालांकि निगम की खस्ताहाल आर्थिक स्थिति को लेकर वर्तमान में वेतन तक के लाले हैं और उसी के चलते निगमायुक्त संदीप माकिन अधिकारियों को मूल विभाग में वापस भेजने, आउटसोर्स कर्मचारियों में कमी जैसे अनेक उपाय कर वेतन जुटाने के प्रयासों में लगे हुए हैं।

असंभव है 67.77 करोड़ की राशि जुटाना निगम की वित्तीय स्थिति जानकारों की मानें तो निगम के खाते में वेतन देने तक के पैसे नहीं बचे हैं और ऐसे में शासन से मिले निर्देश पर प्रस्तावित कार्यों की शेष राशि जुटाने के निर्देश उपरांत 67.77 करोड़ की राशि जुटाना असंभव बताया जा रहा है। स्पेशल पैकेज के लिए 24.78 करोड़ की राशि मिल चुकी है, जिसे अलग से रखकर चिन्हित कार्यों के लिए खर्च किया जाएगा।

भुगतान न होने से नाराज ठेकेदारों ने किए हाथ खड़े 
निगम में निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों की मानें तो वर्तमान में लगभग 15 करोड़ से ज्यादा के भुगतान अटके हुए है और ठेकेदारों की गारंटी राशि (एचडी) तक वापस नहीं हो पा रही है। जिसके चलते निगम में पूरे साल भर में कुल 80 करोड़ के विकास कार्य/निर्माण करने वाले ठेकेदारों ने स्पेशल पैकेज की राशि निगम खाते में  आने स्थिति पाकर  भी फिलहाल काम करने से मनाही कर दी है।