सुप्रीम कोर्ट का निर्देश-घर लौट रहे मजदूरों के साथ मानवीय तरीके से पेश आए पुलिस

 10 Jun 2020 02:06 AM  2

नई दिल्ली ।  सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि लॉकडाउन के दौरान रोजगार गंवाने की वजह से अपने घर लौटने को मजबूर हुए श्रमिकों के साथ पुलिस और अधिकारियों को मानवीय तरीके से पेश आना होगा। कोर्ट ने कहा कि श्रमिक पहले से परेशानी में हैं। इसलिए उनकी मदद जरूरी है। जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने पलायन करने वाले इन कामगारों के साथ पुलिस और सुरक्षाबलों की ज्यादतियों का संज्ञान लिया और कहा कि संबंधित डीजीपी या पुलिस कमिश्नर इस बारे में उचित निर्देश जारी कर सकते हैं। अपने 30 पेज के आदेश में शीर्ष अदालत ने केंद्र और सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिए हैं कि रास्तों में फंसे कामगारों को 15 दिन के भीतर ट्रेन या बसों से उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाया जाए। मप्र में अब तक 13.70 लाख प्रवासी दूसरे प्रदेशों से वापस लौटे। सरकार ने अब इनके लिए रोजगार सेतु पोर्टल की शुरुआत की है। पोर्टल में 7 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूरों के नाम दर्ज किए गए हैं।