पूर्व मंत्री की पत्नी के साथ स्वप्निल जैन की पार्टनरशिप, मिली करोड़ों की फंडिंग

पूर्व मंत्री की पत्नी के साथ स्वप्निल जैन की पार्टनरशिप, मिली करोड़ों की फंडिंग

भोपाल। एनजीओ समेत कुछ निजी कारोबार में स्वप्निल जैन और शिक्षा विभाग से जुड़े एक पूर्व मंत्री की पत्नी के बीच साझेदारी बताई जाती है। मंत्री की पत्नी और स्वप्निल की पत्नी श्वेता जैन के बीच भी गहरी दोस्ती है। इन्हीं संबंधों का फायदा उठाकर श्वेता अपने पति के एनजीओ ‘स्वप्निल एज्युकेशन सोसायटी’ को करोड़ों रुपए की फंडिंग दिला चुकी है। करीब 20 सालों में स्वप्निल की इस एनजीओ को मप्र और छत्तीसगढ़ की रमन सिंह की पहली और दूसरी सरकार में करोड़ों रुपए के काम मिले हैं। सूत्रों के अनुसार साल 2004 से छत्तीसगढ़ में स्वप्निल के एनजीओ को बडे स्तर पर काम मिलना शुरू हो गए थे। यह सिलसिला रमन सिंह की दूसरी सरकार में वर्ष 2010 तक जारी रहा। एनजीओ ने छत्तीसगढ़ के साथ ही मप्र में भी करोड़ों रुपए के काम किए। मप्र में महिला एवं बाल विकास, नगरनिगम, जनसंपर्क समेत कई सरकारी विभागों में स्वप्निल जैन के एनजीओ को धड़ल्ले से काम दिए गए।

ट्रांसफर के नाम पर एक आईएएस के पैसे डकार चुका स्वप्निल

सूत्रों की मानें तो प्रदेश के एक नामचीन कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक से करीबी संबंधों का फायदा उठाकर स्वप्निल जैन ने एक वरिष्ठ आईएएस से पसंदीदा पोस्टिंग के नाम पर करीब एक करोड़ रुपए लिए थे। काफी प्रयासों के बावजूद आईएएस को पंसदीदा पोस्टिंग नहीं मिल सकी थी। आईएएस ने पैसे वापसी के लिए कई बार दबाव बनाया, लेकिन स्वप्निल ने पैसे वापस नहीं किए। यह आईएएस दो साल पहले पीएस पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।

दिल्ली और मुंबई की कंपनियों से सीआरएस फंडिंग भी मिली

अपनी राजनीतिक पकड़ के चलते स्वप्निल जैन 2016 में दिल्ली और मुंबई की बड़ी कंपनियों से (सीआरएस) कार्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिब्लिटी फंड भी ले चुका है। सूत्र बताते हैं कि कई बार उसे एमपीएलडीएस ( सांसद निधि) से बडे भुगतान भी किए गए हैं।

गैरेज में लगने वाला एनजीओ का कार्यालय रिवेयरा पहुंचा

वर्ष 2000 में स्वप्निल जैन के एनजीओ का कार्यालय संजय कॉम्पलेक्स के परिसर में नीचे बने एक गैरेज में चलता था। तब एनजीओ छोटे-मोटे काम कर कमाई करता था। छत्तीसगढ़ में रमन सिंह सरकार में इस एनजीओ को बेधड़क काम मिले। एनजीओ में अच्छी कमाई शुरू हो गई। साल 2012 में एनजीओ का कार्यालय जैन दंपति ने रिवेयरा टाउन में शिफ्ट कर लिया था।

राजधानी के कॉलेज में प्रोफेसर थी श्वेता तभी रचाई थी शादी

राजधानी के एक कॉलेज में स्वप्निल जैन के एनजीओ द्वारा बैचलर आॅफ फिजियोथेरेपी संचालित किया जाता था। सूत्रों की मानें तो फिजिकल एज्युकेशन के इस कॉलेज में स्वप्निल जैन भागीदार बन गए थे। इसी कॉलेज में फिजियोथैरेपी की पढ़ाई कर चुकी श्वेता जैन भी प्रोफेसर बन गई थी। इसी दौरान स्वप्निल ने श्वेता से प्रेम विवाह किया था।

एडीजी पहुंचे इंदौर, सीआईडी ने दर्ज किया मामला

बताया गया है कि हनीट्रैप मामले की जांच करने एसआईटी चीफ संजीव शमी बुधवार को इंदौर रवाना हो गए हैं। उन्होंने मामले के विवेचक इंस्पेक्टर से लेकर अब तक प्रकरण का सुपरविजन कर रहीं एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र से प्रकरण की एफआईआर समेत दीगर कार्रवाईयों के संबंध विस्तार से जानकारी और कुछ दस्तावेज लिए।

मोनिका के पिता की शिकायत पर दर्ज मामले की जांच करेगी सीआईडी

इंदौर के पलासिया थाने में मानव दुर्व्यापार के मामले की जांच अब सीआईडी के पाले में पहुंच चुकी है। सीआईडी ही अब इस मामले की विवेचना करेगी। गौरतलब है कि मोनिका यादव के पिता की शिकायत पर पलासिया पुलिस ने जीरो पर मानव दुर्व्यापार और साजिश किए जाने से संबंधित मामले की एफआईआर दर्ज की थी। इससे संबंधित केस डायरी समेत सीआईडी को भेज दी गई है। सीआईडी ने इस मामले में असल अपराध दर्ज कर लिया है। जिसमें श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन, आरती दयाल और अभिषेक नामक युवक को आरोपी बनाया गया है। अफसरों का कहना है कि जांच में उजागर होने पर आरोपियों में नए नाम भी बढ़ाए जा सकते हैं।

मानव तस्करी की रिपोर्ट के बाद अभिषेक की तलाश

हनी ट्रैप मामले की आरोपी मोनिका के पिता द्वारा पलासिया थाने पर दर्ज कराई गई मानव तस्करी की रिपोर्ट के बाद अब पुलिस अभिषेक नामक युवक को तलाश कर रही है। अभिषेक के कहने पर ही मोनिका की आरती से मुलाकात हुई थी। मोनिका जिस अभिषेक के संपर्क में आकर आरती से मिली थी, उसका भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस को पता चला कि वह गांव से भोपाल आई थी। गांव में रहने के दौरान ही कथित तौर पर मोबाइल पर रांग नंबर के जरिए अभिषेक उसके संपर्क में आया था। मोनिका उसकी बातों में आ गई और अभिषेक ने उसे आरती से मिलवा दिया। आरती और श्वेता ने मिलकर उसे जाल में फंसाया और इस दलदल में उतार दिया।

अन्य पीड़ित युवतियों के नाम भी आ सकते हैं सामने

एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र ने बताया कि अभी तक मोनिका ने जो जानकारी दी है उसके आधार पर मामले में जांच की जा रही है। संभावना है कि और भी युवतियों को आरती व श्वेता ने अपने जाल में फांसा होगा। जिस तरीके से मोनिका को आरती व श्वेता ने अभिषेक के जरिए अपने साथ गलत काम में लगाया है उससे लगता है कि अभिषेक व अन्य युवकों ने भी कई युवतियों को जाल में फंसाया होगा। फिलहाल उनकी तलाश की जा रही है।