घंटे भर की तेज बारिश ने खोली ननि के दावों की पोल नाले सड़क हुए एक

 28 Jun 2020 11:52 PM  4

जबलपुर । महज एक घंटे की तेज बारिश में शहर में नगर निगम के दावों की पोल खुल गई। नगर निगम ने दावा किया था कि इस बार शहर में कहीं भी जलप्लावन नहीं होने दिया जाएगा। दर्जनों मुख्य मार्गों में पानी तो भरा ही भरा नाले-नालियां और सड़क एकाकार हो गए। गंदगी के बीच लोग भारी मुसीबत में अपने वाहन निकालते देखे गए। हालाकि नगर निगम के फायर ब्रिगेड स्थित कंट्रोल रूम में महज 3 शिकायतें ही पहुंचीं। शहर के जिन स्थलों पर हर साल पानी भरना ही भरना है वहां तो पानी लबालब रहा ही साथ ही आमतौर पर जिन क्षेत्रों से शिकायतें नहीं आतीं हैं वहां पर भी पानी भरा देखा गया। साफ है कि नाला सफाई के नाम पर कोताही की गई है। यदि नालों का प्रवाह सही होता तो सड़कों पर पानी आने का सवाल ही नहीं उठता। यही हाल नालियों का रहा जिनमें लबालब भरी गंदगी पहली तेज बारिश में ही सड़कों पर आ गई। अभी तो बारिश की शुरूआत ही हुई है और ये हाल है। अब जबकि मूल बरसात होनी है तो शहर व कॉलोनियों और बस्तियों के क्या हाल होने हैं ये मात्र घंटे भर की बारिश से ही समझा जा सकता है। नए निगमायुक्त युवा हैं और उनमें ऊर्जा है, वे अपने गुरू घंटाल अधिकारियों के दावों की हकीकत को पहचानें और कार्यशैली में अभी ही परिवर्तन कर लें तो ठीक है। अन्यथा शहर के नागरिकों को जलप्लावन के दंश से कोई नहीं बचा सकता।

गढ़ा क्षेत्र में लाइट गुल

बारिश के बाद जैसे ही शाम हुई तो गढ़ा क्षेत्र में किसी बड़े फाल्ट से लाइट गुल हो गई। हजारों परिवार व सड़कें घंटों अंधेरे में डूबी रहीं। बारिश का प्रवाह इतना तेज रहा कि लोगों के घर अस्तव्यस्त हो गए। पक्के घरों तक में आजू बाजू से पानी आया तो कच्चे घरों की तो बात ही अलग है। तेज हवा और बारिश ने कइयों के छप्पर अस्तव्यस्त कर दिए और घरों में पानी भरा। इस पर बिजली गुल से उनकी परेशानी दोगुनी हो गई।

यहां भरा रहा पानी

गोलबाजार, सिविक सेंटर, बल्देवबाग, अंधेरदेव, दीक्षितपुरा, रानीताल स्टेडियम, मदनमहल अंडरब्रिज, कृपाल चौक, गढ़ा पुरवा, गंगानगर, चंदनकॉलोनी, धनवंतरी नगर कॉलोनी,नेपियर टाउन सहित चेरीताल क्षेत्र की आधा दर्जन कॉलोनियों जिनमें सरस्वती कॉलोनी, पंजाब बैंक कॉलोनी,स्टेट बैंक सिंगल स्टोरी,डबल स्टोरी कॉलोनी,दमोहनाका,चंडालभाटा में लबालब पानी भरा नजर आया।

इतनी कम शिकायतें क्यों

नगर निगम कंट्रोल रूम में 3 शिकायतें पहुंची जो कि तीन पत्ती, विनीत टॉकीज के पास व नेता कॉलोनी अधारताल की रहीं। समस्या पूरे शहर में नजर आई, लेकिन इतनी कम शिकायतें गले से नहीं उतर रहीं।

आधे-अधूरे इंतजामों से जलप्लावन से निपटने का ढिंढोरा

मौसम विभाग ने शहर में भारी बारिश की चेतावनी काफी पहले से ही दे दी थी। हालाकि मानसून ने विलंब किया और पहली खेप रविवार दोपहर को देखने मिली जिसने नगर निगम के आपदा प्रबंधन के ढिंढौरे को जनता के सामने ला दिया। हर साल ननि के द्वारा बारिश के पूर्व आपदा नियंत्रण कक्ष बनाया जाता है जिसमें सभी जोन कार्यालय,फायर ब्रिगेड,स्वास्थ्य, वाहन,प्रकाश विभाग को शामिल किया जाता है। जो डूब वाले क्षेत्र हैं वहां के लिए नाव का इंतजाम किया जाता है। जो कि इस बार नहीं की गई हैं। अब तक न तो जोन कार्यालयों ने इस बारे में प्रतिवेदन भेजा है और न ही नियमानुसार हर विभाग के 5-5 कर्मचारियों की तैनाती ही हुई है।

जलप्लावन से प्रभावित क्षेत्र

जोन क्र 1 गढ़ा में संभावित प्रभावित वार्ड 4 और संभावित प्रभावितों की संख्या 700

जोन क्र 2 कछपुरा- संभावित प्रभावित वार्ड 4 लोगों की संख्या 600

जोन क्र 3 रामपुर- संभावित प्रभावित वार्ड 3 लोगों की संख्या 100

जोन क्र 4 आदि शंकराचार्य छोटी लाइन संभावित प्रभावित वार्ड 3 लोगों की संख्या 150

जोन क्र. 5 बल्देवबाग प्रभावित वार्ड 2 लोगों की संख्या 300

जोन क्र.7 अधारताल,संभावित प्रभावित वार्ड 5 इन में सभी लोग प्रभावित हैं।

जोन क्र.12 घंटाघर,संभावित प्रभावित वार्ड 2,लोगों की संख्या 65 है।