मॉकड्रिल में तो सात मिनट में पहुंची टीम, पानी भरा तो कोई नहीं पहुंचा मौके पर

मॉकड्रिल में तो सात मिनट में पहुंची टीम, पानी भरा तो कोई नहीं पहुंचा मौके पर

 भोपाल । सैफिया कॉलेज रोड पर पानी भरने की सूचना पर नगर निगम की आपदा प्रबंधन टीम मय संसाधनों के महज सात मिनट में मौके पर पहुंची और पानी निकालना शुरू किया। कुछ देर बाद ही ट्रैफिक भी शुरू करा दिया गया। यह नजारा था बुधवार सुबह 10 बजे हुई मॉकड्रिल का। इस कारनामे को अंजाम देने के महज 10 घंटे बाद ही तेज बारिश में सैफिया कॉलेज रोड पर पांच फीट और पास की बस्ती में तीन से चार फीट पानी भर गया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर ट्रैफिक डायवर्ट कर सड़क पर आवाजाही रोक दी। पानी भरने की ढेरों शिकायतें आपदा नियंत्रण केंद्र पहुंचीं, लेकिन पानी निकालने यहां न तो निगम की टीम पहुंची और न मशीन नजर आई। हालांकि, शुक्रवार सुबह आठ बजे तक पानी अपने आप उतर गया। बता दें कि, संभागायुक्त और निगम प्रशासक कविंद्र कियावत ने गुरुवार को निगम की डिजास्टर मैनेजमेंट (आपदा प्रबंधन) टीम के क्विक रिस्पॉन्स, टीम वर्क और कम्युनिकेशन प्लान को परखने सैफिया कॉलेज रोड पर पानी भरने और ट्रैफिक जाम पर राहत और बचाव कार्य की मॉकड्रिल कराई। हालांकि, मॉकड्रिल की लोकेशन अचानक तय कर सूचना निगम आपात नियंत्रण केंद्र को दी गई थी। पांच मिनट में निगम की टीम पहुंची और महज सात मिनट में डीवाटरिंग पंप्स और सीवेज क्लीनिंग मशीनों से पानी निकाल कर ट्रैफिक शुरू करा दिया। संभागायुक्त कियावत और निगम आयुक्त वीएस चौधरी ने मॉकड्रिल देखी और टीम की पीठ भी थपथपाई थी। लेकिन महज 10 घंटे बाद ही काल्पनिक घटना हकीकत में बदल गई। तेज बारिश में सैफिया कॉलेज रोड पानी से लबालब हो गया। एहतियात के तौर पर पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। इधर, सैफिया कॉलेज रोड पर जहां पांच फीट से ज्यादा पानी भरा था, वहीं आसपास के इलाकों में तीन से चार फीट पानी भर गया। परेशान लोगों ने निगम आपात नियंत्रण केंद्र में फोन लगाए, लेकिन रात 12 बजे तक न तो सैफिया कॉलेज रोड पर निगम की आपदा नियंत्रण की टीम नजर नहीं आई। अहम बात ये है कि मॉकड्रिल में निगम की टीम का सहयोग एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और होमगार्ड की टीमों ने किया, लेकिन हकीकत में कोई नहीं पहुंचा।

रिस्पॉन्स टाइमिंग चेक की गई

सैफिया कॉलेज रोड पर मॉकड्रिल कर निगम की आपदा प्रबंधन टीम की रिस्पॉन्स टाइमिंग परखी गई थी। सूचना मिलने के पांच मिनट में टीम मौके पर पहुंची, जबकि सात मिनट में जरूरी उपकरण और मशीनें पहुंच गई । जबकि रात में बारिश में जलभराव पर सैफिया कॉलेज रोड पर रात 9 बजे मैं खुद टीम के साथ मौजूद था, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। शाश्वत मीणा, अपर आयुक्त, (स्वास्थ्य), नगर निगम, भोपाल