खेलों के मैदान में भी मानसिक जंग होती है

खेलों के मैदान में भी मानसिक जंग होती है

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित ऑनलाइन व्याख्यानमाला ‘स्त्री शक्ति संवाद’ में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज एवं कॉमनवेल्थ खेलों में गोल्ड मैडल विजेता श्रेयसी सिंह मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि महिलाएं घर के साथ खेलों के मैदान में भी एक सामाजिक और मानसिक जंग लड़ती हैं। आज बहुत अच्छा लगता हैं जब लड़कियां किसी खेल के बारे में पूछती हैं क्योंकि हम बचपन से ही अपने बच्चों को जेंडर के आधार पर ढालने की कोशिश करते हैं। जब माता-पिता बच्चों को खिलौने दिलाने ले जाते हैं तो लड़के को क्रिकेट बैट-बॉल और लड़कियों को किचन सेट या बेबी डॉल इत्यादि दिलाते हैं। इसी तरह हम देखते हैं कि स्पोर्ट्स और मैन का सीधा रिश्ता जोड़ते हैं, मगर स्पोर्ट्स और वीमेन का रिश्ता कमज़ोर कड़ी है। इस मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है। मीडिया इस काम को बहुत हद तक कर रहा है।