बच्चे के प्रति मां का यह स्नेह परमात्मा का प्रकाश है: मुनिश्री

This affection of the mother towards the child is the light of the divine: Munishree

बच्चे के प्रति मां का यह स्नेह परमात्मा का प्रकाश है: मुनिश्री

ग्वालियर। बच्चे के प्रति माँ का यह स्नेह परमात्मा का प्रकाश है। मातृत्व को इस धरती पर देवत्व का रूप हांसिल है। माता त्याग की प्रतिमूर्ति है। अपनी आवश्यकताओं, इच्छाओं, सुख-सुविधाओं तथा आकांक्षाओं का त्याग कर वह अपने परिवार को प्रधानता देती है। हमारी जन्मभूमि भी हमारी माँ है, जो सब कुछ देकर भी हमारी प्रगति से प्रसन्न होती है। यह विचार राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज ने रविवार को तानसेन नगर स्थित न्यू कॉलोनी में धर्मचर्चा में व्यक्त किए। इस मौके पर मुनिश्री विजयेश सागर महाराज भी मोजूद थे। मुनिश्री ने कहाकि बच्चों को अच्छे संस्कार देने चाहिए। माता-पिता का आचरण अच्छा होना चाहिए। बच्चों को रोजाना मंदिर ले जाएं, जिससे वे संस्कारवान बनें। माता का कर्तव्य केवल लालन-पालन व स्नेह दान तक ही सीमित नहीं है। बालक को जीवन में विकसित होने, उत्कर्ष की ओर बढ़ने के लिए भी माँ ही शक्ति प्रदान करती है। उसे सही प्रेरणा देती है। भगवान शांतिनाथ का अभिषेक किया जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि मुनिश्री विहर्ष सागर कोरोना वायरस को हराने के लिए प्रतिदिन अनुष्ठान कर रहे है। इसी के दौरान आज मुनिश्री विहर्ष सागर ने विशेष मंत्रों का उच्चारण कर भगवन शांतिनाथ का अजय जैन व विजय जैन अमन जैन ने अभिषेक ओर शांतिधारा की।