जेल के बाहर से फेंकते थे नशा की पुड़िया, अंदर जाकर सूचना देते थे

 13 Jun 2020 10:13 PM  8

ग्वालियर। सेंट्रल जेल, ग्वालियर में लगातार हो रही कार्रवाई के बावजूद नशीले पदार्थों की तस्करी नहीं थम रही है। आलम यह है कि बंदियों को बीड़ी-तंबाकू मुहैया करवाने के आरोपी में बीते 15 दिनों के भीतर मुख्य प्रहरी सहित पांच जेल कर्मी सस्पेंड हो गए हैं। ऐसे में जेल प्रबंधन के आगे भी इन गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए संकट पैदा हो गया है। उल्लेखनीय है कि सेंट्रल जेल, ग्वालियर में बंदियों द्वारा नशीले पदार्थों का सेवन किए जाने की खबरें आए दिन छनकर बाहर आती रहती हैं, वहीं कई बार पुलिस व प्रशासनिक अफसरों द्वारा की गई छापामार कार्रवाई के दौरान जेल में प्रतिबंधित वस्तुएं पाई गई हैं, लेकिन उनमें यह खुलासा नहीं हो सका, कि यह माल भीतर कैसे व किसके जरिए पहुंचा, लेकिन विगत् कुछ समय से जेल प्रबंधन जब इस मामले को लेकर सख्त हुआ, तो तमाम जेलकर्मियों को ही इस सबमें संलिप्त पाया गया, यही कारण है कि बीते 15 दिनों के भीतर बंदियों को बीड़ी-तंबाकू मुहैया करवाने के आरोप में मुख्य प्रहरी सहित पांच जेलकर्मियों को सस्पेंड किया जा चुका है। ऐसे में सवाल यह उठता है, कि लगातार हो रही इस सख्त कार्रवाई के बावजूद जेलकर्मियों का आखिर ऐसा क्या लालच है, जो वह उसमें फंसकर अपनी नौकरी भी दांव पर लगाकर भी बंदियों को नशीले पदार्थ मुहैया करवाने में गुरेज नहीं कर रहे हैं। सख्ती हुई तो हकीकत सामने आई: ऐसा नहीं है कि सेंट्रल जेल, ग्वालियर में इससे पहले नशीले पदार्थ नहीं पहुंचते थे, लेकिन प्रबंधन के लचर रवैए के चलते इसका पता ही नहीं चल पाता था, और यदि बात सामने आती भी थी, तो जेलकर्मी इसका आरोपी बाहर से आने वाले बंदियों व मिलाई करने हेतु आए उनके परिजनों पर गढ़कर साफ बच निकलते थे। वहीं अब जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू की सख्ती की वजह से जेलकर्मियों की कारस्तानी सामने आने लगी है।

इन पर हुई कार्रवाई
27 जून को जेल प्रहरी रामबरन कुशवाह द्वारा ली गई तलाशी के दौरान एक कैदी के पास से शंकर बीड़ी के 20 बंडल तथा हरिशंकर तंबाकू के 12 पैकेट मिले थे। जिस कैदी से यह सामान मिला था, उसने पूछताछ में जेल प्रहरी अजय शर्मा पर यह सामान मुहैया करवाने का आरोप लगाया था। जेल प्रबंधन का कहना है, कि यह तंबाकू व बीड़ी मेन गेट से नहीं ले जाते हुए दीवार के ऊपर से जेल के भीतर फेंका गया है। इस मामले में प्रहरी अजय शर्मा को सस्पेंड कर दिया गया।  नौ जून को जेल प्रहरी अच्छेलाल भास्कर व पुरूषोत्तम सगर की तलाशी के दौरान उनके पास से क्रमश: दो बंडल व नौ बीड़ी मिलने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया।11 जून को मुख्य प्रहरी रामबाबू गौड़ के पास आठ बीड़ी तथा प्रहरी अनीश खान के पास 27 बीड़ी मिलने पर उन्हें भी सस्पेंड कर दिया गया।

सीसीटीवी से रख रहे नजर
जेलकर्मियों द्वारा बंदियों को नशीले पदार्थ मुहैया करवाए जाने का खुलासा होने के बाद प्रबंधन और सख्त हो गया है, जिसके चलते जेल के मुख्य द्वार से बिना तलाशी के किसी को भी भीतर नहीं आने दिया जा रहा है, वहीं अफसर खुद सीसीटीवी कैमरों के जरिए पल-पल की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
इनका कहना है
जेल में प्रतिबंधित सामग्री कतई नहीं पहुंचने दी जाएगी, यही कारण है कि विगत् 15 दिनों के भीतर पांच कर्मियों को सस्पेंड किया गया है। वहीं सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से अब ऐसी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, साथ ही जेल के भीतर भी चौकसी बढ़ा दी गई है।