रात्रि को गरज-चमक के साथ बरसा पानी

 13 Jun 2020 11:29 PM  3

ग्वालियर। अबर सागर में निर्मित हुई तीन सिस्टमों के व बंगाल की खांडी से मध्यप्रदेश के ऊपर से गुजरी द्रोणिका से ग्वालियर-चंबल संभाग में कम दबाव का क्षेत्र बने से शनिवार की रात आसमान में तेज हवाओं के अचानक गरज-चमक के साथ घने बादल छा गए, रात 9.45 बजे के लगभग शुरू हुई बारिश से सारा शहर पानी से तरबतर हो गया। इसके साथ ही शहर के कई क्षेत्रों की बिजली गुल होने से लोग परेशान रहे। इसके बाद देर रात्रि तक शहर में रुक-रुककर वर्षा होती रही। शनिवार को सुबह से दोपहर तक तेज धूप निकले से जहां धरती तवे की तपती महसूस हो रही थी, वहीं दोपहर बाद आसमान में हल्के बादल छाने तेज उमस से लोग परेशान रहे। शनिवार की अपेक्षा रविवार को दिन व रात के तापमान में क्रमश: 0.8 व 0.4 डिग्री सेल्सियस बढ़ जाने से दिन भर लोग तेज गर्मी से परेशान रहे। वहीं दोपहर बाद एक बार फिर से आसमान में छुटपुट बादल छा जाने लोगों में आस जागी कि अब शाम या रात्रि तक पानी पड़ सकता है, शाम एकाएक तेज आंधी के साथ आसमान में बादल उमड़ने लगे और तेज बिजली चमकी। बिजली चमकने-गरजने की आवाज सुनकर लोग अपने-अपने दुबक गए, इसके बाद कुछ सेकंड के लिए छींटे पड़े, जिससे वातावरण में उमस बढ़ गई। इसके बाद रात 9.45 बजे के लगभग तेज हवाओं के साथ एक बार फिर से गरज-चमक के साथ वर्षा शुरू हो गई। वर्षा शुरू होते ही शहर के अनेक क्षेत्रों की बिजली गुल होने से लोग परेशान रहे। इसके बाद देर रात्रि को रुक-रुककर वर्षा होती रही। मौसम विभाग ने शनिवार को अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो सामान्य से 0.6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा व न्यूनतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।

आगे क्या

मौसम विभाग के अनुसार 16-17 जून को पश्चिमी विक्षोभ के कारण गर्म हवाएं और चक्रवात सक्रिय रहेंगे। आंधी व बादलों की गर्जना के साथ-साथ हल्की बूंदाबांदी होगी। इन दो दिनों में 40-45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।