ट्रैफिक सिग्नल नहीं दे रहे सही संकेत, कहीं नहीं दिखते अंक तो कहीं नहीं जल रही यलो लाइट

ट्रैफिक सिग्नल नहीं दे रहे सही संकेत, कहीं नहीं दिखते अंक तो कहीं नहीं जल रही यलो लाइट

जबलपुर। शहर के चौराहों-तिराहों में लगे ट्रैफिक सिग्नल सही संदेश नहीं दे रहे हैं। इनमें से ज्यादातर में अंकों का प्रोजेक्शन गलत हो रहा है। कहीं- कहीं तो यलो लाइट ही नहीं जल रही हैं। टाइमिंग डिस्प्ले शो नहीं होता है। ऐसे में दुर्घटनाओं का अंदेसा बना हुआ है। इस चक्कर में चौराहा क्रास करने में वाहन चालक दूसरी तरफ से आने वाले वाहनों से भिड़ रहे हैं। इस महत्वपूर्ण कमी को न तो ट्रैफिक विभाग देख रहा है और न ही नगर निगम के अधिकारियों का इस तरफ ध्यान है। दोनों विभागों के आपसी तालमेल के अभाव का खामियाजा आम नागरिक भुगतने पर मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार शहर में 9 चौराहों-तिराहों में ट्रैफिक सिग्नल कंट्रोल किए जाते हैं। इनमें से अभी 4 चौराहों को कंट्रोल एंड क मांड सेंटर से बाकायदा उदघोषणा कर संचालित किया जा रहा है। सभी सिग्नलों पर औसतन 5 से 6 हजार वाहन प्रति घंटे का दबाव होता है। व्यस्त घंटों में बढ़ जाता है दबाव इसके अलावा पीक आवर्स यानि व्यस्त घंटों में जो कि सुबह 9 से 11 दोपहर में 12 से 2 तथा शाम 5 से 8 बजे तक का समय आता है। ब्लूम चौक पर शास्त्री ब्रिज से होमसाइंस रोड साइड के टाइमिंग डिस्प्ले पर एक अंक कट का नजर आता है। 20 के बाद आने वाले अंक से 1 गायब हो जाता है जिससे लोग भ्रमित होकर 10 सेकें ड पहले ही वाहन आगे बढ़ा देते हैं जो कि होमसाइंस की ओर से आने वाले ट्रैफिक का समय होता है। ऐसे में कई बार वाहन चालक आपस में भिड़ जाते हैं। इसी तरह नौदराब्रिज के टाइमिंग डिस्प्ले का पता ही नहीं चलता कि कब लाइट ग्रीन होगी। यहां रेड से सीधे ग्रीन लाइट जलती है।

तीन पत्ती चौराहा

यहां पर 9 से 10 हजार वाहन प्रति घंटे का दबाव चौराहे पर होता है। यहां नगर निगम की साइड के डिस्प्ले पर एक अंक कट कर दिखता है जिसके कारण सही अनुमान न होने से लोग ग्रीन लाइट हुए बिना ही वाहन आगे बढ़ा देते हैं। यहां पर अपेक्षाकृत अनाउंसिंग व्यवस्था सही होने से अराजकता कम ही बन पाती है। यहां ट्रैफिक अमला भी अक्सर नजर आता है।

नौदराब्रिज

नौदराब्रिज में 6 से 7 हजार वाहन प्रति घंटे गुजरते हैं। यहां की समस्या यह है कि टाइम डिस्प्ले ही बंद है और रेड से सीधे यलो लाइट हो जाती है और ग्रीन लाइट गायब है। यहां पर एनाउंसमेंट भी नहीं होता जिसके कारण लोग रेड लाइट जंप करने से नहीं चूकते।