डबरा में दो आॅयल मिल सील, पांच जगह से उठाए सैंपल, दुकानदार भागे

डबरा में दो आॅयल मिल सील, पांच जगह से उठाए सैंपल, दुकानदार भागे

ग्वालियर। मिलावटखोरी के खिलाफ रविवार को भी कार्रवाई जारी रही। डबरा एसडीएम ने आठ स्थानों पर जांच की और दो आॅयल मिल सील कर दिए जबकि एक दर्जन आॅयल मिल और दुकानों की जांच की । जहां संदेह हुआ वहां से सैंपल जब्त कि ए हैं। एसडीएम जयति सिंह ने हिदायत दी है कि जांच रिपोर्ट आने तक सैंपल वाले सामान का उपयोग नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक कार्रवाई की भनक लगते ही कई दुकानदार ताला डालकर भाग निकले। उधर सोमवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। गोमतिपुरा, ग्वालियर झांसी रोड पर प्रमोद भगत के यहां किसी भी व्यक्ति ने पूछताछ में कोई भी जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया तो आॅयल मिल को सील कर दिया गया। मिल पर हिदायत दी गई कि जब्त सैंपल की जांच रिपोर्ट आने तक सामान बेचा नहीं जाएगा। मनोज कंपनी , ठाकुर बाबा रोड मस्टर्ड और रिफाइंड आॅयल के सैंपल लिए । इसी तरह पुराना गाड़ी अड्डा स्थित घनश्याम आॅयल मिल से सरसों के तेल का सैंपल लिया। सराफा बाजार में आहूजा फर्म से सरसों के तेल का सैंपल जब्त किया है। इस फर्म से एक्सपायरी सामान के पैकेट के अलावा तौल कांटे में भी अनियमितता मिली । इस फर्म पर अधिक मात्रा में माचिस पैकेट और अग्निशमन व्यवस्था न होने के कारण नगर पालिका द्वारा नोटिस जारी किया गया। राजेन्द्र शर्मा के आॅयल मिल, रेलवे फाटक पर सरसों के तेल का लायसेंस नहीं मिला। अब बिना लायसेंस के फर्म चलाने की कार्रवाई की जाएगी। जवाहरगंज में आॅयल मिल सील बट्टू साहू आॅयल मिल , जवाहर गंज में किसी व्यक्ति द्वारा जिम्मेदारी लेने के आभाव में सील किया गया और सैंपल जांच के बिना विक्रय से निषेध किया गया। ठाकुर बाबा रोड पर इशू बजाजा फर्म पर नोटिस चस्पा किया गया। इसी तरह विलिंड मल सराफा बाजार से सैंपल लिए गए। इसके अलावा राधेश्याम गंधी, जैन आॅयल थाने की पुलिया , गुप्ता मिल , हुक्वानी मिल्स , संत कावराम स्कूल के सामने और किराना दुकानों की जांच की गई।

सैंपल की जांच के लिए संभाग स्तर पर बने जांच केंद्र, जांच टीम आज करेगी कार्रवाई

पूर्व केबिनेट मंत्री भगवान सिंह यादव ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सैंपल की जांच के लिए भोपाल की तरह संभागीय मुख्यालयों पर भी जांच केन्द्र बनाना चाहिए, ताकि घी,दूध, तेल के सैंपलों की जांच रिपोर्ट शीघ्रता से मिल सके। प्रशासनिक अफसरों ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई के लिए रणनीति भी तैयार की है।

संभाग स्तर पर बने जांच केन्द्र

श्री यादव ने कहा कि साथ ही प्रदेश स्तर पर शहरों के प्रवेश मार्ग पर भी खाद्य पदार्थों की जांच के लिए केन्द्र बनना चाहिए। दूध, मावा, पनीर, तेल अगर बाहर से शहरों में सप्लाई हो रहा है तो उसकी जांच शहरों की सीमा पर ही हो जाना चाहिए। श्री यादव ने मुख्यमंत्री से यह मांग भी की है कि जानलेवा खाद्य पदार्थ जिन अफसरों के सरंक्षण में चल रहे हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई प्रस्तावित होनी चाहिए। उन्होंने बड़ा वाजिब सवाल उठाया है कि आखिर इन अफसरों के रहते हुए, यह खेल कैसे चल रहा था? उन्होंने गृह मंत्री बाला बच्चन द्वारा कानून में संशोधन कर मिलावट सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा के प्रावधान का स्वागत किया है।