हस्तशिल्प उत्पादन तकनीक साझा करने के लिए प्रतिनिधिमंडल कंबोडिया की यात्रा पर

हस्तशिल्प उत्पादन तकनीक साझा करने के लिए प्रतिनिधिमंडल कंबोडिया की यात्रा पर

नई दिल्ली। देश के प्रमुख हस्तशिल्प निर्यातकों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल नवोन्मेषी उत्पाद विकास, बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिये ढांचागत सुविधाओं को देखने समझने के लिये कंबोडिया की यात्रा पर गया हुआ है। विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) शांतमनु के नेतृत्व में मुरादाबाद, आगरा, खुर्जा, दिल्ली और पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रमुख हस्तशिल्प निर्यातकों का यह प्रतिनिधमंडल अपनी यात्रा के दौरान कंबोडिया में उत्पाद विकास के नये तौर- तरीकों, ढांचागत सुविधाओं का अध्ययन करेगा और विभिन्न डिजाइन संस्थानों, व्यापारिक संस्थाओं के साथ संपर्क बढ़ाएगा। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के महानिदेशक राकेश कुमार ने इस अवसर पर कहा कि हस्तशिल्प उत्पादों के मामले में चीन, वियतनाम, कंबोडिया, फिलिपीन और अन्य देश घरों में सजाने के सामान, उपहार की वस्तुएं और साज-सज्जा के सामानों का मशीनों के जरिये विनर्माण कर रहे हैं। मशीनों के जरिये बड़े पैमाने पर निर्माण होने से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उनकी हिस्सेदारी बढ़ रही है। 

उत्पादों को विकसित करना व तकनीक समझना ध्येय

ईपीसीएच की यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार इसके विपरीत भारत में हस्तशिल्प निर्यातक, उद्यमी ज्यादातर परंपरागत कौशल और कारीगरी वाले उत्पादों का ही निर्यात, विनिर्माण कर रहे हैं। इसमें कहा गया है कि कंबोडिया की इस यात्रा का मकसद हस्तशिल्प उत्पादों को विकसित करने की विभिन्न तकनीकों को समझना है। इसके साथ ही कंबोडिया के साथ इस क्षेत्र में संयुक्त उद्यम स्थापित करने और एक दूसरे के साथ मेल मिलाप बढ़ाना भी है। यात्रा के दौरान प्रतिनिधमंडल यहां सेरेमिक प्राकृतिक फाइबर उत्पाद तैयार करने वाले कारखानों की भी यात्रा करेगा। प्रतिनिधमंडल ने यात्रा के दौरान कंबोडिया के उद्योग एवं हस्तशिल्प मंत्री चाम प्रसिद्ध के साथ मुलाकात की। उनसे मुलाकात करने वाले प्रतिनिधमंडल में हस्तशिल्प विकास आयुक्त शंतमानु के अलावा निदेशक आर के वर्मा तथा अन्य सदस्य शामिल थे। निर्यातकों में जेस्मिना जेलियांग, नावेद उर-रहमान, एस पी दादू, सुभाष चं्रद वर्मा, भास्कर शर्मा और नरेन््रद बोराह भी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने कंबोडिया में भारत की राजदूत मनिका जैन से भी मुलाकात की।