मेट्रो रेल प्रोजेक्ट इंदौर भोपाल में काम शुरू जबलपुर को ठेंगा

 22 Jun 2020 01:26 AM  4

जबलपुर । शहर में मेट्रो रेल की संभावनाएं दिन ब दिन क्षीण होती जा रही हैं। कई बरसों से इस प्रोजेक्ट के लिए नेतागण नागरिकों को झुनझुना दिखाते आए हैं। प्रदेश के चार महानगरों में मेट्रो रेल की संभावनाएं परखने के लिए मेट्रो रेल कारपोरेशन ने इंदौर, भोपाल, ग्वालियर व जबलपुर का चयन किया था। इसमें पहले इंदौर व भोपाल में मेट्रो ट्रेन के लिए टेंडर होकर काम भी शुरू हो चुका है। शहर में जनवरी में सर्वे टीम को आना था जो संभावनाएं तलाश करती और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाती,मगर 6 माह बाद भी इस टीम का न आना इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट से शहर को महरूम रखने की साजिश लगती है। मेट्रो टेन के प्रोजेक्ट की पहली सूची में जबलपुर का नाम काट दिया गया था। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि शहर को इस प्रोजेक्ट में शामिल करवाया जाएगा। कथित तौर पर दूसरे प्रोजेक्ट में जबलपुर का नाम शामिल भी किया गया था। इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां की गर्इं थी जिसमे बताया गया कि जनवरी में सर्वे के लिए अधिकारियों की टीम आने वाली है। इसके बाद कोरोना संकट शुरू हो गया और यह टीम अभी तक नहीं आई है।

कलेक्टर ने किए प्रयास

इस मामले में कलेक्टर भरत यादव ने जनवरी माह में मेट्रो रेल परियोजना के वरिष्ठ अफसरों के शहर आकर डीपीआर के साथ मेट्रो की संभावनाएं तैयार करवाने के लिए दरे की पूरी तैयारी कर रखी थी। उन्होंने इस विषय में शासन से आवश्यक पत्राचार भी किया था। मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए संबंधित अधिकारियों का प्रारंभिक अवलोकन चूंकि अनिवार्य होता है,इसके लिए ही प्रयास हुए थे।

पीपीपी प्रोजेक्ट पर लागू होनी थी परियोजना

इस प्रोजेक्ट का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि इस प्रोजेक्ट को सरकार पीपीपी यानि प्राईवेट पब्लिक पार्टनरशिप योजना के तहत तैयार करना चाहती है। समय रहते इसकी डीपीआर बनती और यह सर कार तक पहुंच जाती तो इसके लिए निजी निवेश के लिए पार्टियां संभावनाएं तलाश करतीं मगर ऐसा कुछ भी नहीं हो पाया।

 क्षेत्रफल के हिसाब से कम एरिया

बताया जाता है कि जबलपुर व ग्वालियर में मेट्रो ट्रेन के लिए आवश्यक क्षेत्रफल एरिया की कमी है। यही कारण है कि यहां पर स्थल परीक्षण करने के लिए सर्वे टीम आनी थी। यह टीम आती तो मामला कुछ आगे बढ़ता। टीम के आने क ी एक मुख्य वजह मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की भौगौलिक व तकनीकी उलझनें सुलझाना भी था। वहीं इंदौर व भोपाल में बाकायदा काम शुरू हो चुका है।

क्यों है जरूरत

शहर को मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की जरूरत शहर के विस्तार के कारण है। वर्तमान में सार्वजनिक परिवहन के नाम पर केवल मेट्रो बसें व आॅटो मुहैया हैं। खमरिया से लेकर शहर के बीच से होते हुए मेडिकल,तेवर तक इस प्रोजेक्ट की परिकल्पना की गई थी। जिसमें न सिर्फ ट्रैफिक समस्या से निजात मिलती,अपितु सस्ता परिवहन भी मुहैया होता।