हिजाब न पहनने वाली ईरानी महिलाओं को दी जा रही मुर्दों की सफाई की सजा

हिजाब न पहनने वाली ईरानी महिलाओं को दी जा रही मुर्दों की सफाई की सजा

तेहरान। ईरान की सरकार सख्त हिजाब कानून का उल्लंघन करने वाली महिलाओं का मनोचिकित्सकों से इलाज करा रही है। साथ ही कानून तोड़ने वाली महिलाओं से मुर्दाघर में शवों की सफाई कराने की सजा दी जा रही है। सरकार हिजाब नहीं पहनने वाली महिलाओं पर पहले से ज्यादा सख्ती बरत रही है, जिससे हिजाब कानून का उल्लंघन करने वाली महिलाओं पर लगाम लगाया जा सके। आपको बता दें कि ईरान में हिजाब लंबे समय से विवाद का मुद्दा रहा है। 1979 की इस्लाम क्रांति के बाद ईरान में 1983 से हिजाब को लागू कर दिया गया। हाल ही में ईरानी अभिनेत्री अफसाने बेयेगन को हिजाब नहीं पहनने के लिए दो साल की जेल की सजा सुनाई गई है। ऐसे में उन्हें हर हμते मनोचिकित्सक के पास काउंसलिंग के लिए जाने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में तेहरान की अदालत ने एक महिला को महीने भर के लिए मुर्दाघर में शवों की सफाई करने की सजा दी गई। महिला ने सख्त हिजाब कानून का उल्लंघन किया था, जब वह बिना हिजाब के गाड़ी चलाते हुए पकड़ी गई थी।

न्यायाधीशों की हुई आलोचना

महिलाओं से जुड़े मामलों ने जजों के फैसले पर कई सामाजिक संगठनों ने हैरानी जताई है। ईरान में चार मानसिक स्वास्थ्य संगठनों के अध्यक्ष घोलम- होसैन मोहसेनी ईजेई ने देश की न्यायपालिका के प्रमुख को एक पत्र लिख अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि मानसिक स्वास्थ्य विकारों का निदान मनोचिकित्सकों की जिम्मेदारी है, न्यायाधीशों की नहीं।

नए-नए तरीके ढूंढ रही सरकार

  •  ईरान में हिजाब न पहनने वाली महिलाओं की सजा को 2 महीने से बढ़ाकर अधिकतम 10 साल करने पर चर्चा चल रही है।
  • हिजाब न पहनने वाली महिलाओं के लिए वर्तमान में अधिकतम जुर्माना 1 हजार रुपए है, जिसे 70 हजार करने की तैयारी की जा रही है। 
  • अगर महिलाएं बिना हिजाब के गाड़ी चलाती दिख रहीं हैं तो उनके वाहन जब्त किये जा रहे हैं। 
  • महिलाओं को नौकरी से निकालने का दबाव बनाया जा रहा है। 
  • हिजाब न पहनने वाली महिलाओं को अस्पताल में इलाज तक नहीं मिल पा रहा है।

कानून का खौफ पैदा करना है उद्देश्य

बेयेगन को जो सजा दी गई थी, वह एक उदाहरण है। सरकार महिलाओं के अंदर कानून का खौफ पैदा करना चाहती है। ऐसे में सरकार महिलाओं को अपने बाल ढंकने के लिए बाध्य करने के लिए नए-नए तरीके खोज रही है। -प्रोफेसर अजादेह कियान, विशेषज्ञ