कोलार वासियों का दर्द... तीन साल में तीसरी बार सीवेज कनेक्शन के नाम पर सड़क खोदने की तैयारी

 17 Sep 2020 01:50 AM  10

 भोपाल ।   राजधानी में पिछले एक दशक से सड़कें बनाने और फिर खोदने का सिलसिला जारी है। कभी पाइप लाइन, कभी सीवेज लाइन तो कभी केबल डालने के लिए सड़कें खोदी जाती हैं। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित कोलार इलाका है। यहां जैसे-तैसे खुदी सड़कों का रिस्टोरेशन हुआ था, लेकिन अब फिर घरों में सीवेज कनेक्शन देने के लिए सड़कों की खुदाई की जानी है। राजधानी में जिन क्षेत्रों में नया सीवेज नेटवर्क डाला गया है, उन इलाकों में नल कनेक्शन की तर्ज पर सीवेज कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके लिए सड़कें खोदी जाएंगी। ये हाल तब है जबकि नगरीय प्रशासन विभाग के तत्कालीन चीफ इंजीनियर प्रभाकांत कटारे ने इसकी गाइड लाइन तय की है। इसमें कहा गया था कि पाइप लाइन या सीवेज लाइन बिछाने के दौरान ही कनेक्शन दिए जाएं, ताकि बार-बार सड़कों की खुदाई न की जाए। तीन साल में तीसरी बार खुदेंगी कोलार की सड़कें: कोलार की 200 किमी लंबी सड़कों को तीन साल में तीसरी बार खोदा जाएगा। सबसे पहले केरवा वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट की लाइनें बिछाने और बाद में कनेक्शन देने के लिए खोदा गया। उसके बाद सीवेज लाइन बिछाने के लिए खुदाई हुई। इससे लोग महीनों परेशान रहे। तत्कालीन कलेक्टर तरुण पिथौड़े की नाराजगी और निगम आयुक्त वीएस चौधरी कोलसानी की सख्ती की वजह से सड़कों की मरम्मत हुई। अब सीवेज कनेक्शन देने के लिए सड़कें खोदी जाएंगी। कोलार सहित आसपास के इलाकों में 40 हजार सीवेज कनेक्शन दिए जाने हैं। 

 कोलार इलाके में 138 किमी डाली गई सीवेज लाइन 

अमृत प्रोजेक्ट के तहत 135 करोड़ की लागत से कोलार में 138 किमी सीवेज नेटवर्क बिछाया गया है। कोलार में जेके हॉस्पिटल, बैरागढ़ चीचली, प्रियंका नगर, सनखेड़ी, मंदाकिनी कॉलोनी, सलैया, बीडीए कॉलोनी, बावड़िया कला और मिसरोद में सीवेज पंपिंग हाउस बनाए गए हैं। ऐसे में कोलार सहित करीब 200 किमी लंबी सीवेज लाइन से घर- घर सीवेज कनेक्शन दिया जाना है।

 क्या कहते हैं लोग

 समन्वय की कमी है

कोलार की सड़कें कभी पानी की लाइन तो कभी सीवेज और केबल डालने के लिए खोद दी जाती हैं। रेस्टोरेशन के नाम पर कंपनियों ने सिर्फ मुरम डाल दी है। नगर निगम के अधिकारियों के बीच समन्वय ही नहीं है। दिनेश कुमार, स्थानीय रहवासी

  फिर  बढ़ जाएगी परेशानी 

कोलार की सड़कें कभी पानी की लाइन तो कभी सीवेज और केबल डालने के लिए खोद दी जाती हैं। रेस्टोरेशन के नाम पर कंपनियों ने सिर्फ मुरम डाल दी है। नगर निगम के अधिकारियों के बीच समन्वय ही नहीं है। दिनेश कुमार, स्थानीय रहवासी

 हमारी परेशानी

नहीं दिखती कोलार में कई स्थानों पर रेस्टोरेशन हुआ है, लेकिन इतना घटिया कि गाड़ी के पहिए धंस जाते हैं। हालांकि लोगों को राहत मिली थी, लेकिन अब दोबारा सड़कें खोदी जाएंगी। निगम अधिकारी लोगों की परेशानी का ध्यान नहीं रखते। धर्मेंद्र खरे, स्थानीय रहवासी

 तत्काल सुधारी जाएंगी सड़कें

नए सीवेज नेटवर्क से कनेक्शन देना शुरू किया गया है। कनेक्शन करने के दौरान जहां भी सड़कों की खुदाई की जाएगी, उसे फौरन दुरुस्त किया जाएगा। हालांकि ये बात सही है कि अगर सीवेज लाइन डालते वक्त कनेक्शन दिए जाते तो सड़क दोबारा नहीं खोदनी पड़तीं। वीएस चौधरी कोलसानी, आयुक्त, नगर निगम

इन इलाकों में खुदेंगी सड़कें : कोलार, नीलबड़, सूरज नगर, नेहरू नगर के साथ ही बावड़िया से लेकर कोटरा और मिसरोद तक के इलाकों की सड़कों की खुदाई होनी है।