कृषि को समझने पूसा समेत देश के अन्य संस्थानों का दौरा करें छात्र

कृषि को समझने पूसा समेत देश के अन्य संस्थानों का दौरा करें छात्र

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को दिल्ली में श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स की दि मार्केटिंग सोसायटी द्वारा आयोजित मार्केटिंग समिट को संबोधित करते हुए कहा, भारत सरकार का जोर नई पीढ़ी को खेती की ओर आकर्षित करने और किसानों का मुनाफा बढ़ाने पर है। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे पूरी कृषि व्यवस्था को व्यवहारिक रूप से समझने पूसा संस्थान नई दिल्ली समेत देश के प्रमुख संस्थानों का दौरा करें। उन्होंने कहा, भारत की दो प्रधानता है- कृषि व धर्म। धर्म का आशय यहां पूजा पद्धति से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी ही धर्म है। प्रकृति में प्रत्येक जीव का धर्म होता ही है।

कृषि क्षेत्र की अहमियत बढ़ी

तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र दूसरे क्षेत्रों के मुकाबले लंबे समय तक उपेक्षित रहा है, लेकिन यह रीढ़ की तरह है, जिसके साथ हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था के ताने-बाने को मुगल और अंग्रेज भी नहीं तोड़ सके। कोविड सहित पहले भी प्रतिकूल परिस्थितियों में कृषि क्षेत्र ने देश में अपनी सार्थकता सिद्ध की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय कृषि की अहमियत और भी बढ़ गई है। भारत अब मांगने वाला देश नहीं है, बल्कि देने वाला देश बन गया है। दुनिया के अनेक देशों की हमसे अपेक्षाएं बढ़ गई हैं। उनके लिए भी हमें अपनी कृषि को और अच्छा करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में कालेज की प्राचार्य प्रो. सिमरत कौर ने तोमर को स्मृति चिह्न भेंट किया।